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TMC में बड़ा घमासान! कल्याण बनर्जी का अल्टीमेटम, तीसरे राज्यसभा सांसद का इस्तीफा; 20 सांसदों के अलग गुट का दावा

Revolt in TMC

ममता बनर्जी के लिए बढ़ीं मुश्किलें, पार्टी में अंदरूनी कलह की चर्चाएं तेज

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ती नाराजगी और अंदरूनी खींचतान की खबरों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के कथित अल्टीमेटम और लगातार हो रहे इस्तीफों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। साथ ही यह दावा भी किया जा रहा है कि टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसदों ने अलग गुट बना लिया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रहे घटनाक्रमों ने ममता बनर्जी की पार्टी के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं होने के संकेत जरूर दिए हैं।

कल्याण बनर्जी का कथित अल्टीमेटम
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी में नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि कल्याण बनर्जी की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उनके कथित रुख ने पार्टी के अंदर चल रही खींचतान की चर्चाओं को और हवा दे दी है।

तीसरे राज्यसभा सांसद का इस्तीफा
टीएमसी के लिए चिंता की एक और वजह राज्यसभा में सामने आई है। पार्टी के एक और वरिष्ठ राज्यसभा सांसद द्वारा इस्तीफा देने की खबरों ने संगठनात्मक संकट की अटकलों को मजबूत कर दिया है। इससे पहले भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा असंतोष जताने की घटनाएं सामने आती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो आगामी चुनावों से पहले टीएमसी को संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

20 सांसदों के अलग गुट का दावा
सबसे बड़ा दावा यह किया जा रहा है कि टीएमसी के लगभग 20 लोकसभा सांसदों ने एक अलग गुट बना लिया है। सूत्रों के अनुसार यह गुट भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विचार कर रहा है और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर मंथन कर रहा है। हालांकि न तो टीएमसी नेतृत्व और न ही संबंधित सांसदों की ओर से इस दावे की पुष्टि की गई है। फिर भी राजनीतिक हलकों में इस खबर ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

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दिल्ली में हुई मुलाकातों ने बढ़ाई अटकलें
सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में टीएमसी के कुछ सांसदों और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच हुई मुलाकातों के बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं। इन बैठकों को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं। विपक्षी दल इस घटनाक्रम को टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बता रहे हैं, जबकि पार्टी नेतृत्व फिलहाल सार्वजनिक रूप से किसी भी तरह के संकट से इनकार करता रहा है।

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ममता बनर्जी के सामने बड़ी चुनौती
पश्चिम बंगाल में लगातार सत्ता में बनी रहने वाली ममता बनर्जी के लिए यह स्थिति राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर पार्टी को राज्य में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखनी है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी गठबंधन के भीतर अपनी भूमिका भी निभानी है। ऐसे में यदि पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सही साबित होती हैं, तो आने वाले दिनों में टीएमसी नेतृत्व को संगठनात्मक स्तर पर बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें पार्टी नेतृत्व की अगली रणनीति और इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

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