सादगी और सेवा भाव के साथ मनाई जाएगी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती

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Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की 82वीं जयंती रविवार को पूरे राज्य में सादगी, सेवा और जनकल्याण के संकल्प के साथ मनाई जाएगी। पार्टी ने इस वर्ष किसी भी बड़े सांस्कृतिक या भव्य आयोजन से दूरी बनाते हुए गुरुजी की विचारधारा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

टाना भगत स्टेडियम में छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन
इस अवसर पर राजधानी रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री योजना से लाभान्वित विद्यार्थियों को क्रेडिट कार्ड प्रदान करेंगे, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग मिल सके और पढ़ाई किसी भी हाल में बाधित न हो।

निधन को एक वर्ष पूरा नहीं, इसलिए सादगी का निर्णय
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है। इसी वजह से झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इस वर्ष जयंती को बेहद सादगीपूर्ण तरीके से मनाने का फैसला किया है। किसी बड़े मंचीय या सांस्कृतिक आयोजन के बजाय जनसेवा और छात्र हित को प्राथमिकता दी गई है।

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शिबू सोरेन की प्रतिमा पर नेताओं की श्रद्धांजलि
रांची के आदिवासी मैदान स्थित शिबू सोरेन की प्रतिमा पर जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन सहित झामुमो के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान गुरुजी के संघर्षों और आदिवासी अधिकारों के लिए उनके योगदान को याद किया जाएगा।

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राज्यभर में सेवा कार्य, गरीबों में कंबल-फल वितरण
दिशोम गुरु की जयंती के अवसर पर झारखंड के विभिन्न जिलों में सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यकर्ता गरीबों और जरूरतमंदों के बीच कंबल, फल और मिठाइयां बांटेंगे। साथ ही अस्पतालों और बस्तियों में जाकर सेवा कार्य किए जाएंगे, ताकि गुरुजी के जन्मदिन को जनकल्याण के माध्यम से सार्थक बनाया जा सके।

गुरुजी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प
पार्टी नेताओं का कहना है कि शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता की रक्षा का प्रतीक रहा है। उनकी जयंती को दिखावे के बजाय सेवा और शिक्षा से जोड़कर मनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। झामुमो कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि गुरुजी की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाया जाएगा।

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