क्या फॉर्मूला-1 रेसिंग कारों में भी होता है E20 फ्यूल का इस्तेमाल? जानिए विशेषज्ञों की राय

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नई दिल्ली: भारत में एथनॉल मिश्रित ईंधन E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है। कई वाहन उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल है कि क्या E20 ईंधन वास्तव में सुरक्षित और प्रभावी है। इस बीच ऑटोमोबाइल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे भविष्य का पर्यावरण अनुकूल ईंधन बताया है।

फॉर्मूला-1 में भी होता है एथनॉल आधारित ईंधन का उपयोग
टोयोटा इंडिया के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी ने एथनॉल को एक उत्कृष्ट वैकल्पिक ईंधन बताते हुए कहा कि यह कोई नई तकनीक नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र परीक्षण एजेंसियों द्वारा इसकी विस्तृत जांच की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मोटरस्पोर्ट प्रतियोगिताओं में शामिल फॉर्मूला-1 रेसिंग कारों में भी एथनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जाता है। हालांकि, फॉर्मूला-1 में इस्तेमाल होने वाला ईंधन सामान्य E20 पेट्रोल नहीं होता, बल्कि उसमें अधिक प्रतिशत जैव-ईंधन (Biofuel) शामिल होता है। वर्तमान F1 नियमों के तहत ईंधन में लगभग 10 प्रतिशत एथनॉल का मिश्रण अनिवार्य है और भविष्य में इसे और बढ़ाने की योजना है। विक्रम गुलाटी के अनुसार एथनॉल आधारित ईंधन कार्बन उत्सर्जन कम करने में सहायक है और इसे पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना जा रहा है।

E20 पेट्रोल पर मारुति सुजुकी का अनुभव
मारुति सुजुकी के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राहुल भारती ने कहा कि भारत में E20 पेट्रोल को व्यापक परीक्षण के बाद ही स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2023 से पहले ही E10 ईंधन पर इंजन परीक्षण किए थे और उसमें किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने नहीं आई। इसके बाद E20 ईंधन के लिए भी वाहनों की अनुकूलता सुनिश्चित की गई।

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क्या है E20 फ्यूल?
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत सरकार इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता, कच्चे तेल के आयात में कमी और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है।

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E20 फ्यूल के प्रमुख फायदे

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी
  • पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटाने में मदद
  • किसानों के लिए गन्ना और जैविक फसलों की बढ़ती मांग
  • स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा
  • पर्यावरण संरक्षण में योगदान

विशेषज्ञों की राय
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि उचित तकनीकी मानकों और अनुकूल इंजन तकनीक के साथ E20 ईंधन का उपयोग पूरी तरह सुरक्षित है। आने वाले वर्षों में भारत में एथनॉल आधारित ईंधन का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

हालांकि वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका वाहन E20 संगत (E20 Compatible) है या नहीं, ताकि इंजन के प्रदर्शन और दीर्घकालिक उपयोग पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।नोट: फॉर्मूला-1 में वर्तमान में प्रयुक्त ईंधन जैव-ईंधन आधारित मिश्रण है, लेकिन उसे सीधे तौर पर सामान्य उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध E20 पेट्रोल के समान नहीं माना जा सकता। दोनों का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।

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