यू-टर्न या सुरक्षा समीक्षा? बिहार सरकार ने लालू-राबड़ी की Z+ सुरक्षा फिर की बहाल
पटना: बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव तथा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दोनों नेताओं की Z+ श्रेणी की सुरक्षा दोबारा बहाल कर दी है। इसके साथ ही उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी फिर से उपलब्ध कराई जाएगी। गृह विभाग की ओर से शनिवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी होने की संभावना है।
एक महीने पहले हटाई गई थी Z+ सुरक्षा
इससे पहले 4 जून 2026 को बिहार सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z+ सुरक्षा वापस ले ली थी। हालांकि दोनों पूर्व मुख्यमंत्री होने के कारण उन्हें कानून के तहत स्टेट सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
सुरक्षा लौटाने पर बढ़ा था राजनीतिक विवाद
बिहार सरकार के फैसले के विरोध में लालू परिवार ने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस लौटा दी थी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन उन्होंने भी विरोध जताते हुए अपनी सरकारी सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था। इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई दिनों तक सियासी बयानबाजी होती रही।
RJD ने लगाया था राजनीतिक भेदभाव का आरोप
RJD ने सरकार के फैसले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया था। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने आरोप लगाया था कि सरकार ने जानबूझकर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती की और उनकी सुरक्षा से समझौता किया। उन्होंने इसे विपक्ष के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश बताया था।
अब फिर मिलेगी Z+ सुरक्षा और बुलेटप्रूफ गाड़ी
राजनीतिक विवाद के बीच बिहार सरकार ने अब दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की Z+ सुरक्षा बहाल करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उन्हें पहले की तरह बुलेटप्रूफ वाहन और अन्य सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि RJD की ओर से कहा गया है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी फिलहाल मीडिया के माध्यम से मिली है और अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
क्या होती है Z+ सुरक्षा?
भारत में Z+ सुरक्षा सबसे उच्च सुरक्षा श्रेणियों में से एक मानी जाती है। इस सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 22 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में तैनात रहते हैं। सुरक्षा में बिहार पुलिस के अलावा CRPF, ITBP और आवश्यकता के अनुसार NSG के कमांडो भी शामिल हो सकते हैं। इसके साथ एस्कॉर्ट वाहन, बुलेटप्रूफ गाड़ी और आधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है।
क्यों अहम माना जा रहा है यह फैसला?
बिहार सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ सप्ताह पहले ही दोनों नेताओं की सुरक्षा कम किए जाने को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई थी। अब सुरक्षा दोबारा बहाल होने के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर चल रही सियासी बहस को नया मोड़ मिल सकता है। सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही पूरी सुरक्षा व्यवस्था फिर से लागू होगी।






