झारखंड रेरा का 23 अगस्त को सेमिनार, रियल एस्टेट कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर होगी चर्चा
रांची के रेडिसन ब्लू होटल में होगा एक दिवसीय कार्यक्रम
होमबायर्स से लेकर डेवलपर , बैंक और विधि विशेषज्ञ होंगे शामिल
रांची: झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (झारखंड रेरा) की ओर से रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के विभिन्न प्रावधानों और उनके व्यवहारिक पहलुओं को लेकर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह सेमिनार 23 अगस्त को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य रेरा अधिनियम के प्रावधानों को लेकर रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच जागरूकता बढ़ाना और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा जोर
झारखंड रेरा के इस संवाद कार्यक्रम में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। रेरा कानून के प्रावधानों को व्यवहार में लागू करने के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और उनके संभावित समाधान पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम के जरिए नियामक संस्था और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच संवाद को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। इससे कानून के प्रावधानों, उनके अनुपालन और संबंधित जिम्मेदारियों को लेकर हितधारकों के बीच अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।




होमबायर्स से डेवलपर तक होंगे सहभागी
सेमिनार में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों की भागीदारी प्रस्तावित है। इसमें बिल्डर, प्रमोटर, डेवलपर, भूमि स्वामी और आवंटी यानी होमबायर्स शामिल होंगे। इसके अलावा बैंक और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े आर्किटेक्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट, स्ट्रक्चरल इंजीनियर, अधिवक्ता और विधि विशेषज्ञ भी सेमिनार में शामिल होंगे।





कानून के व्यवहारिक पहलुओं पर होगा मंथन
रेरा अधिनियम के प्रावधानों को लेकर केवल कानूनी जानकारी ही नहीं, बल्कि उनके व्यवहारिक क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा किए जाने की संभावना है। इससे प्रोजेक्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों को अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और कानून के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है। झारखंड रेरा की यह पहल रियल एस्टेट क्षेत्र में नियामकीय व्यवस्था को मजबूत करने और डेवलपर तथा होमबायर्स के बीच पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


