लाल किले से PM मोदी रचेंगे इतिहास, लगातार 13वीं बार करेंगे राष्ट्र को संबोधन
पहली बार लाल किले पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’
















नई दिल्ली: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक लाल किला एक बार फिर राष्ट्रीय समारोह का केंद्र बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को स्वतंत्रता दिवस संबोधित कर रहे हैं। इसके साथ ही वे लाल किले से लगातार स्वतंत्रता दिवस संबोधन देने वाले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों में नया रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं।
इस वर्ष का समारोह कई मायनों में खास है। ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बना है। इसके साथ ही समारोह में ‘युवा शक्ति’ और विकसित भारत@2047 की थीम को विशेष महत्व दिया गया है।















21 तोपों की सलामी के बीच फहराया जाएगा तिरंगा
स्वतंत्रता दिवस समारोह की पारंपरिक शुरुआत प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने के साथ हुई। राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित कर देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर अपनी बात रख रहे हैं। समारोह में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्पवर्षा भी कार्यक्रम का हिस्सा है। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री का संबोधन देश और दुनिया भर में करोड़ों लोग देख रहे हैं।


















पहली बार लाल किले पर गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में सबसे बड़ा बदलाव ‘वंदे मातरम्’ के विशेष आयोजन को लेकर है। राष्ट्रीय गीत को पहली बार लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में औपचारिक रूप से प्रमुख स्थान दिया गया है। NCC कैडेट्स और ‘मेरा भारत’ (My Bharat) स्वयंसेवकों के साथ सामूहिक गायन की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का स्मरण कर रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक बना था।
युवाओं पर रहेगा विशेष फोकस
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवा शक्ति को विशेष महत्व दिया गया है। देश की युवा आबादी को विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वर्ग के रूप में प्रस्तुत किया गया है। समारोह में बड़ी संख्या में युवा, NCC कैडेट्स, ‘मेरा भारत’ स्वयंसेवक, विद्यार्थी, युवा नवोन्मेषक, स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले विशेष अतिथि शामिल हुए हैं। लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को समारोह में आमंत्रित किया गया है। इनमें महिला उद्यमियों, स्वच्छता कर्मियों, स्ट्रीट वेंडर्स, किसानों, छात्रों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों सहित समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हैं।
पीएम मोदी की पगड़ी का अंदाज भी रहा चर्चा में
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पगड़ी पहनने का अंदाज भी हर वर्ष लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है। पिछले 12 वर्षों में लाल किले की प्राचीर से संबोधन के दौरान उनकी पगड़ियों में अलग-अलग रंग, डिजाइन और क्षेत्रीय संस्कृति की झलक देखने को मिली है। कभी केसरिया रंग की पगड़ी तो कभी तिरंगे के रंगों से सजी पगड़ी—प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस परिधान में भारतीय संस्कृति और विविधता की झलक अक्सर देखने को मिली है। यही वजह है कि हर साल भाषण के साथ-साथ पीएम की पगड़ी और पहनावे को लेकर भी लोगों में उत्सुकता रहती है।
विकसित भारत@2047 का संकल्प
इस वर्ष के समारोह का व्यापक संदेश विकसित भारत@2047 की दिशा में देश की यात्रा से जुड़ा है। स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को प्रमुखता दी जा रही है। प्रधानमंत्री अपने संबोधन में देश की अर्थव्यवस्था, तकनीक, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं, महिला शक्ति और विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रख रहे हैं।
स्वतंत्रता सेनानियों को नमन
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का साहस और उनका सपना आज भी भारत की विकास यात्रा को प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराया।






