पूर्व मंत्री विमला प्रधान का निधन, झारखंड की राजनीति में शोक; दो बार रहीं सिमडेगा की विधायक
रांची: झारखंड सरकार की पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेत्री विमला प्रधान का शुक्रवार देर शाम रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में निधन हो गया। वह 69 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर से भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और सिमडेगा के राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान शुक्रवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
विमला प्रधान सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर 2009 और 2014 में दो बार विधायक निर्वाचित हुई थीं। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विधानसभा में उठाया और पार्टी संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने झारखंड सरकार में मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में चल रहा था इलाज
विमला प्रधान पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी स्थिति गंभीर बनी रही और शुक्रवार देर शाम उनका निधन हो गया।
उन्हें गैस्ट्रोलॉजी संबंधी शिकायत के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था और स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों की टीम ने उपचार संभाला। हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में उनके निधन का विस्तृत चिकित्सकीय कारण एक समान रूप से दर्ज नहीं है। इसलिए मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर जैसी चिकित्सकीय जानकारी को अस्पताल के आधिकारिक बयान के बिना अंतिम तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

पर्यटन, समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग की संभाली जिम्मेदारी
विमला प्रधान ने झारखंड सरकार में पर्यटन, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में पर्यटन और सामाजिक कल्याण से जुड़े विषय उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे। सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता केवल राजनीति तक सीमित नहीं रही। सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी रही। सिमडेगा क्षेत्र में सामाजिक सरोकारों और जनसंपर्क के कारण उनकी अलग पहचान बनी।
2017 में मिला था ‘उत्कृष्ट विधायक’ सम्मान
विधानसभा में उनकी सक्रियता और कार्यों को देखते हुए वर्ष 2017 में विमला प्रधान को ‘उत्कृष्ट विधायक’ सम्मान से नवाजा गया था। यह सम्मान झारखंड विधानसभा की समिति की ओर से प्रदान किया गया था। दो बार विधायक और राज्य सरकार में मंत्री के रूप में उनकी राजनीतिक यात्रा झारखंड, खासकर सिमडेगा के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
सामाजिक सरोकारों से भी रहा गहरा जुड़ाव
विमला प्रधान सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही थीं। विभिन्न रिपोर्टों में उनके सामाजिक कार्यों और जनजातीय समाज से जुड़े मुद्दों में सक्रिय भागीदारी का उल्लेख मिलता है। गोंड समाज के संगठनात्मक एवं सामाजिक मंचों से भी उनका जुड़ाव रहा। उनकी राजनीतिक सक्रियता के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भूमिका के कारण सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में उनके निधन को बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने जताया शोक
विमला प्रधान के निधन पर भाजपा नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने उनके निधन को पार्टी और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया। वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विमला प्रधान ने सार्वजनिक जीवन में लंबे और सक्रिय जुड़ाव के माध्यम से समाज तथा राज्य की सेवा की। उन्होंने उनके संगठन के प्रति समर्पण और जनसेवा को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ समेत अन्य नेताओं ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया।
सिमडेगा के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
विमला प्रधान के निधन की खबर सामने आने के बाद सिमडेगा में भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के बीच शोक का माहौल है। राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है। विमला प्रधान की पहचान झारखंड की उन महिला नेताओं में रही, जिन्होंने विधायक और मंत्री के रूप में लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई। दो बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने से लेकर राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभालने और ‘उत्कृष्ट विधायक’ सम्मान प्राप्त करने तक उनका राजनीतिक सफर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा। उनके निधन से भाजपा ने एक वरिष्ठ नेता खोया है, वहीं सिमडेगा ने अपने लंबे समय से सक्रिय राजनीतिक-सामाजिक चेहरे को खो दिया है।
सिमडेगा की माटी का सशक्त स्वर: राजयसभा सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने बिमला प्रधान को दी श्रद्धांजलि
आज, 18 सितंबर 2026 की संध्या, रांची से आई एक दुःखद सूचना ने झारखंड के सार्वजनिक जीवन को शोक में डुबो दिया। सिमडेगा की पूर्व विधायक, झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं तथा गोंड आदिवासी समाज की अग्रणी नेत्री श्रीमती बिमला प्रधान जी लंबी बीमारी से जूझते हुए स्टैनफोर्ड अस्पताल में चिरनिद्रा में लीन हो गईं।
बिमला जी का जीवन इस सत्य का साक्षी था कि वनांचल की माटी से उठा स्वर जब सेवा का संकल्प लेता है, तो वह विधानसभा के सदन से लेकर मंत्रिमंडल तक अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराता है। एक आदिवासी महिला के रूप में उन्होंने संघर्ष की कठिन पगडंडियों पर चलकर नेतृत्व का जो मार्ग प्रशस्त किया, वह असंख्य बहनों-बेटियों के लिए प्रेरणा का दीप बना रहेगा। गोंड समाज की अस्मिता, सिमडेगा के विकास और वंचितों के अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव अडिग रही।
सरल स्वभाव, सहज संवाद और जनता से आत्मीय जुड़ाव उनके व्यक्तित्व की पहचान थे। सत्ता के शिखर पर रहते हुए भी वे अपनी जड़ों से कभी विलग नहीं हुईं।
उनका जाना झारखंड की राजनीति और आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकसंतप्त परिजनों एवं असंख्य समर्थकों को यह असह्य दुःख सहन करने का संबल प्रदान करें।
ॐ शांति। विनम्र श्रद्धांजलि।
डॉ. प्रदीप वर्मा,राष्ट्रीय मंत्री, भाजपा ,सांसद (राज्यसभा), झारखंड

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