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JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले में बड़ा एक्शन! YBN University पहुंची CID, कोचिंग संचालक समेत 2 गिरफ्तार

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शिवांगन कोचिंग के संजीत कुमार पर अभ्यर्थियों को गलत तरीके से पास कराने का आरोप

JSSC-CGL मामले में दिलीप पासवान पर पैसे लेकर मदद करने का दावा

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, फर्जी डिग्री और अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से फायदा पहुंचाने के मामलों की जांच अब तेज हो गई है। CID ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रांची के शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार और JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपी दिलीप कुमार पासवान शामिल हैं। दोनों से CID की टीम पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।

YBN यूनिवर्सिटी पहुंची CID की टीम
JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में सोमवार को CID की टीम रांची स्थित YBN यूनिवर्सिटी पहुंची। टीम ने विश्वविद्यालय से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान विश्वविद्यालय के संचालक वहां मौजूद नहीं मिले। इसके बाद CID की टीम ने उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला। फर्जी डिग्री और परीक्षा से जुड़े मामलों में विश्वविद्यालय के दस्तावेजों की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर इस्तेमाल की गई डिग्रियों और प्रमाणपत्रों का स्रोत क्या था और इनका परीक्षा प्रक्रियाओं से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी संस्था या व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

शिवांगन कोचिंग संचालक संजीत कुमार गिरफ्तार
CID ने रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र निवासी संजीत कुमार (38) को गिरफ्तार किया है। वह शिवांगन कोचिंग का संचालक बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार, संजीत कुमार पर कोचिंग संचालन के अलावा अभ्यर्थियों को कथित तौर पर गलत तरीके से परीक्षा में सफल कराने के लिए एजेंट के रूप में काम करने का आरोप है। CID अब उसके संपर्कों, अभ्यर्थियों से कथित लेनदेन और परीक्षा से जुड़े लोगों के साथ उसके संबंधों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यदि अभ्यर्थियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया गया, तो इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके लिए किस स्तर पर संपर्क किया जाता था।

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JSSC-CGL में पैसे लेकर मदद करने का आरोप
दूसरे आरोपी दिलीप कुमार पासवान (41) को JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। CID के मुताबिक, दिलीप कुमार फिलहाल पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के नवकाडीह गांव में रह रहा था। वह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पिता का नाम राजकुमार पासवान बताया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि दिलीप कुमार ने JSSC-CGL परीक्षा में कई अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया। आरोप है कि उसने अभ्यर्थियों से पैसे लिए और उन्हें आसनसोल ले जाकर परीक्षा से संबंधित प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराने में मदद की। CID अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर पैसे का लेनदेन कैसे हुआ और इस पूरे नेटवर्क में दिलीप की भूमिका कितनी बड़ी थी।

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फर्जी डिग्री से लेकर परीक्षा गड़बड़ी तक जांच का दायरा बढ़ा
JPSC और JSSC से जुड़े मामलों की जांच अब केवल परीक्षा केंद्रों या प्रश्नपत्रों तक सीमित नहीं दिख रही है। फर्जी डिग्री, अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ, बिचौलियों की भूमिका और पैसों के कथित लेनदेन जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। YBN यूनिवर्सिटी में दस्तावेजों की जांच और दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद CID अब कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या अलग-अलग परीक्षा मामलों के पीछे एक-दूसरे से जुड़ा कोई नेटवर्क सक्रिय था।

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पूछताछ के बाद सामने आ सकते हैं और नाम
दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर CID मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों और दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ा रही है। जांच एजेंसी की नजर कथित तौर पर कोचिंग संचालकों, बिचौलियों, अभ्यर्थियों और परीक्षा से जुड़े अन्य संपर्कों पर है। आने वाले दिनों में पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है। हालांकि, CID की ओर से लगाए गए आरोप अभी जांच का हिस्सा हैं। **आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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