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SIR के नाम पर साइबर ठगी का नया खेल! वोटर लिस्ट से नाम कटने का डर, लिंक भेजकर मांगी जा रही निजी जानकारी

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अनजान लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी, BLO से करें संपर्क, आधिकारिक माध्यम का ही इस्तेमाल करें

रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। साइबर अपराधी अब मतदाताओं को फर्जी ई-मेल भेजकर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का डर दिखा रहे हैं। इसके बाद नाम दोबारा जुड़वाने के नाम पर ई-मेल में एक संदिग्ध लिंक भेजा जा रहा है। ई-मेल में दावा किया जा रहा है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने के कारण संबंधित व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। इसके साथ ही नाम फिर से जुड़वाने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी व जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के लिए कहा जा रहा है। निर्वाचन विभाग ने ऐसे ई-मेल को भ्रामक और संदिग्ध बताते हुए मतदाताओं को सावधान रहने की अपील की है।

वोटर लिस्ट से नाम कटने का डर दिखाकर ठगी की कोशिश
साइबर अपराधियों की ओर से लोगों को डराने के लिए वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद मतदाता से कहा जा रहा है कि वह दिए गए लिंक के माध्यम से अपनी जानकारी और दस्तावेज जमा करे। यही वह जगह है, जहां साइबर ठगी का खतरा बढ़ जाता है। किसी फर्जी वेबसाइट पर जानकारी भरने के बाद अपराधियों के हाथ में व्यक्ति की निजी और पहचान संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सकती है। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी या निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी इस तरह ई-मेल भेजकर प्रमाण-पत्र या व्यक्तिगत दस्तावेज अपलोड करने के लिए नहीं कह रहे हैं।

अनजान लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी
मतदाताओं से अपील की गई है कि SIR से जुड़े नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध ई-मेल या संदेश को लेकर बेहद सावधानी बरतें। अगर किसी ई-मेल में वोटर लिस्ट से नाम हटने का दावा किया गया हो और नाम वापस जुड़वाने के लिए किसी लिंक पर क्लिक करने को कहा गया हो, तो उस लिंक को बिल्कुल न खोलें। खास तौर पर किसी अनजान वेबसाइट पर अपना नाम, पता, बैंक संबंधी जानकारी, OTP, आधार या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज साझा नहीं करें।साइबर अपराधी अक्सर लोगों को जल्द कार्रवाई करने के लिए डर या दबाव की स्थिति पैदा करते हैं। वोटर लिस्ट से नाम कटने का डर दिखाना भी इसी तरह का तरीका हो सकता है।

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BLO से करें संपर्क, आधिकारिक माध्यम का ही इस्तेमाल करें
अगर किसी मतदाता को अपने नाम को लेकर कोई संदेह है या SIR के दौरान मतदाता सूची में अपने नाम की स्थिति की जानकारी लेनी है, तो वह अपने Booth Level Officer (BLO) से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा निर्वाचन संबंधी ऑनलाइन जानकारी और सेवाओं के लिए केवल निर्वाचन आयोग के आधिकारिक ECINET ऐप या voters.eci.gov.in पोर्टल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। किसी ई-मेल, WhatsApp संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए अनजान लिंक के जरिए मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने से बचना चाहिए।

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थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है बड़ी परेशानी से
मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को आधिकारिक सूचनाएं मिल सकती हैं। ऐसे में साइबर अपराधियों के लिए भी फर्जी संदेश और ई-मेल के जरिए लोगों को निशाना बनाने का मौका बढ़ जाता है। निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट ई-मेल या संदेश पर तुरंत भरोसा न करें। पहले उसकी सत्यता जांचें और जरूरत पड़ने पर संबंधित BLO या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करें। सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करें। वोटर लिस्ट में नाम को लेकर चिंता होने पर फर्जी ई-मेल का जवाब देने के बजाय आधिकारिक निर्वाचन माध्यमों का सहारा लें। SIR के नाम पर भेजा गया कोई संदिग्ध ई-मेल मिले तो उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक न करें और अपनी निजी जानकारी या दस्तावेज साझा न करें।

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