रविवार को JPSC पात्रता परीक्षा, 200 मीटर में निषेधाज्ञा लागू
18 साल बाद हो रही परीक्षा, 1.75 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
रांची: झारखंड में लंबे इंतजार के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JPSC Eligibility Test) रविवार को होने जा रही है। करीब 18 साल बाद आयोजित हो रही इस परीक्षा को लेकर प्रशासन और आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस परीक्षा में लगभग 1.75 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिनके लिए राज्य के छह जिलों—रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और देवघर में कुल 434 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
परीक्षा का समय और एंट्री नियम
अभ्यर्थियों को सुबह 8 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत बायोमेट्रिक और आईआरआईएस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। इसके बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश मिलेगा।
क्या है इस परीक्षा का महत्व?
यह परीक्षा राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) पद के लिए पात्रता तय करेगी। इसके अलावा पीएचडी में नामांकन के लिए भी यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। रांची में धारा 144 जैसी व्यवस्थापरीक्षा को कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। साथ ही सदर अनुमंडल दंडाधिकारी कुमार रजत द्वारा परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई है।
200 मीटर के दायरे में प्रतिबंध
सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इसके तहत:
- पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक
- ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर प्रतिबंध
- किसी भी प्रकार के हथियार जैसे बंदूक, राइफल, रिवॉल्वर, बम आदि ले जाने पर पूरी तरह रोक
यह आदेश 26 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक प्रभावी रहेगा।
रांची में 117 परीक्षा केंद्र
राजधानी रांची में इस परीक्षा के लिए 117 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से मारवाड़ी कॉलेज सहित अन्य संस्थान शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने के कारण भीड़ और अव्यवस्था की संभावना रहती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
JPSC पात्रता परीक्षा का आयोजन झारखंड के शिक्षा और भर्ती सिस्टम के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 18 साल बाद हो रही इस परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह है, वहीं प्रशासन इसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।






