खनन से झारखंड की झोली में ₹9,746 करोड़! कोल से सबसे ज्यादा सेस, CCL ने दिए ₹1,660.89 करोड़
रांची: झारखंड सरकार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 31 अगस्त 2026 तक खनन क्षेत्र से 9,746 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल राजस्व में 4,734.28 करोड़ रुपये खनिज सेस के रूप में मिले हैं, जबकि 5,012 करोड़ रुपये रॉयल्टी और अन्य मदों से सरकार के खाते में आए हैं। खनन राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। जारी आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि खनिज सेस में सबसे बड़ा योगदान कोयला क्षेत्र का रहा है।
रॉयल्टी और अन्य मदों से मिले 5,012 करोड़
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक राज्य सरकार को रॉयल्टी से 4,338.87 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा अलग-अलग मदों से भी राजस्व की प्राप्ति हुई है। इनमें मैनेजमेंट फीस से 14.33 करोड़, अपफ्रंट पेमेंट से 23.18 करोड़, डीलर रजिस्ट्रेशन से 2.51 करोड़, सरफेस रेंट से 0.07 करोड़ और डेड रेंट से 2.15 करोड़ रुपये शामिल हैं। वहीं सर्टिफिकेट केस के जरिए 2 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। एमएमडीआर एक्ट 2021 के तहत परमिट में अतिरिक्त राशि के रूप में 588.59 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा अन्य मदों से 9.76 करोड़, पेनल्टी फीस से 12.68 करोड़, सिक्योरिटी डिपॉजिट से 8.67 करोड़ और फाइनल प्राइस ऑफर से 9.63 करोड़ रुपये की आय हुई है।
खनिज सेस से 4,734.28 करोड़ की कमाई
JMBL Cess Collection 2026-27 के तहत विभिन्न खनिजों से सरकार को कुल 4,734.28 करोड़ रुपये का सेस मिला है। इसमें अकेले कोयले का योगदान सबसे अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक, कोयले से 4,017.47 करोड़ रुपये का सेस प्राप्त हुआ। वहीं लौह अयस्क से 601.19 करोड़, बॉक्साइट से 103.01 करोड़, यूरेनियम से 6.57 करोड़ और कॉपर-लेड से 5.83 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा सोना अयस्क से 0.20 करोड़ और ग्रेफाइट से 0.01 करोड़ रुपये का सेस संग्रह हुआ है।
सेस देने में CCL सबसे आगे
कोयला क्षेत्र में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) सबसे अधिक सेस देने वाली कंपनी रही है। CCL से राज्य सरकार को 1,660.89 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसके बाद भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) से 648.31 करोड़, NTPC Mining Limited से 517.55 करोड़ और Eastern Coalfields Limited (ECL) से 412.94 करोड़ रुपये का सेस मिला है। वहीं West Bengal Power Development Corporation Limited से 371.25 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा Tata Steel से 164.35 करोड़, Damodar Valley Corporation Tubed Coal Mine से 139.62 करोड़ और Punjab State Power Corporation Limited से 86.53 करोड़ रुपये का सेस संग्रह किया गया है।
लौह अयस्क में SAIL और Tata Steel का बड़ा योगदान
लौह अयस्क से राज्य सरकार को कुल 601.19 करोड़ रुपये का सेस प्राप्त हुआ है। इसमें SAIL का योगदान 311.20 करोड़ रुपये और Tata Steel का योगदान 289.15 करोड़ रुपये रहा। इसी तरह बॉक्साइट से कुल 103.01 करोड़ रुपये का सेस मिला है। इसमें Hindalco Industries से 69.04 करोड़ और M/S Minerals & Minerals से 32.99 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। खनन विभाग के इन आंकड़ों से साफ है कि झारखंड के खनिज संसाधन राज्य सरकार के राजस्व संग्रह में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। खासकर कोयला से मिलने वाला सेस कुल खनिज सेस का सबसे बड़ा हिस्सा है। आने वाले महीनों में खनन गतिविधियों और राजस्व संग्रह के आंकड़ों पर नजर बनी रहेगी।




