JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के सोशल मीडिया हैंडलर पर साइबर पुलिस की नजर, X से मांगी 3 अहम जानकारियां

JPSC JSSC Reform Manch

रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती सुधार की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब सोशल मीडिया गतिविधियां भी पुलिस जांच के दायरे में आ गई हैं। रांची साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने @JPSCReformmanch नाम के सोशल मीडिया अकाउंट के संचालक की पहचान के लिए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को नोटिस भेजा है। पुलिस ने BNSS की धारा 94 के तहत यह जानकारी मांगी है। पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच का सोशल मीडिया अकाउंट कौन संचालित कर रहा है और सरकार, पुलिस तथा छात्र आंदोलन से जुड़े पोस्ट किस व्यक्ति या डिवाइस से अपलोड किए गए थे। यह मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 183/2026, दिनांक 21 अगस्त 2026 से जुड़ा बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर क्यों शुरू हुई जांच?
पुलिस के अनुसार, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के सोशल मीडिया हैंडल से झारखंड सरकार की कार्रवाई, पुलिस और छात्र आंदोलन से संबंधित कई पोस्ट, वीडियो और तस्वीरें साझा की गई थीं। पुलिस ने इनमें से कुछ सामग्री को प्रथम दृष्टया झूठा, भ्रामक या आपत्तिजनक माना है।पुलिस का आरोप है कि कुछ पोस्ट के जरिए सरकारी कार्रवाई को गलत तरीके से पेश करने, लोगों के बीच भ्रम या डर की स्थिति पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं की छवि प्रभावित करने की कोशिश की गई। इसी मामले में अब साइबर पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट के पीछे मौजूद व्यक्ति तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच कर रही है।

X से मांगी गईं ये तीन अहम जानकारियां
साइबर पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया संस्थान से अकाउंट की पहचान और उसकी गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी मांगी है। नोटिस के अनुसार मुख्य रूप से तीन तरह की जानकारियां मांगी गई हैं।

  1. अकाउंट होल्डर की पहचान
    पुलिस ने अकाउंट संचालक की रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसमें अकाउंट होल्डर का पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर, वैकल्पिक ई-मेल आईडी और अन्य उपलब्ध पंजीकरण संबंधी विवरण शामिल हैं। इस जानकारी के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि @JPSCReformmanch अकाउंट किस व्यक्ति के नाम या किस पहचान से बनाया गया था।
  2. Login-Logout और IP Address का रिकॉर्ड
    पुलिस ने अकाउंट की गतिविधियों का तकनीकी रिकॉर्ड भी मांगा है। इसमें लॉगिन और लॉगआउट की तारीख और समय के साथ इस्तेमाल किए गए IP Address की जानकारी शामिल है। नोटिस के अनुसार पुलिस ने 10 अगस्त 2026 और उससे पहले की अवधि से संबंधित आवश्यक जानकारी मांगी है। IP Address के जरिए जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि संबंधित अकाउंट को किन इंटरनेट कनेक्शनों से संचालित किया गया।
  3. अकाउंट चलाने वाले डिवाइस की जानकारी
    पुलिस ने अकाउंट संचालन के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जानकारी भी मांगी है। इसमें उपलब्ध होने पर डिवाइस का मेक, मॉडल और IMEI जैसी तकनीकी जानकारी शामिल है। इससे जांच एजेंसी को सोशल मीडिया अकाउंट और संभावित डिवाइस के बीच कनेक्शन स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
Adiwasi Mahotsav

इसमें उपलब्ध होने पर डिवाइस का मेक, मॉडल और IMEI जैसी तकनीकी जानकारी शामिल है। इससे जांच एजेंसी को सोशल मीडिया अकाउंट और संभावित डिवाइस के बीच कनेक्शन स्थापित करने में मदद मिल सकती है।

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अकाउंट चलाने वाले तक पहुंचने की कोशिश
साइबर पुलिस का कहना है कि नोटिस का उद्देश्य सबसे पहले संबंधित सोशल मीडिया हैंडल के पीछे मौजूद व्यक्ति की पहचान करना है। इसके बाद अकाउंट से किए गए पोस्ट, उनके स्रोत और उनकी वास्तविकता की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि विवादित या आपत्तिजनक बताए गए पोस्ट किस IP Address और किस डिवाइस से अपलोड किए गए थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मिलने वाली तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगी।

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किन धाराओं का किया गया है उल्लेख?
पुलिस की ओर से भेजे गए नोटिस में सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े अलग-अलग मामलों में BNS की धारा 353, धारा 196 और धारा 356 का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करने के आरोप को लेकर IT Act की धारा 67 का भी जिक्र है। हालांकि, किसी कानून की धारा का नोटिस में उल्लेख होना अपने आप में आरोप साबित होना नहीं है। मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

छात्र आंदोलन के बीच बढ़ी सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, परीक्षा सुधार और अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहा है। इस दौरान सोशल मीडिया को आंदोलन की जानकारी साझा करने और अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के प्रमुख माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया गया। अब साइबर पुलिस की जांच के बाद @JPSCReformmanch अकाउंट की गतिविधियां भी जांच के केंद्र में आ गई हैं। X से मिलने वाली जानकारी के आधार पर पुलिस अकाउंट संचालक की पहचान, पोस्ट के स्रोत और संबंधित तकनीकी कड़ियों की पड़ताल करेगी।

फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर से पुलिस को मांगी गई जानकारी कब और किस रूप में उपलब्ध कराई जाती है और उसके बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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