...

भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली विनीमा धान बोलीं- ‘सर, मेरे घर में शौचालय नहीं’

vinima-dhan-hockey-player

मंच से खिलाड़ी की मांग सुनकर विधायक के सामने आया गांव की बुनियादी सुविधाओं का सवाल

सम्मान समारोह में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया के सामने रखी मांग, विधायक ने तत्काल कार्रवाई का दिया भरोसा

National News: हॉकी के मैदान पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर देश और झारखंड का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ी विनीमा धान की जिंदगी की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने खेल उपलब्धियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सवाल को भी सामने ला दिया है। जूनियर महिला एशिया कप में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य विनीमा धान ने अपने सम्मान समारोह में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया से अपने घर में शौचालय बनवाने की गुहार लगाई। सम्मान समारोह के दौरान विनीमा ने विधायक से कहा, “सर, मेरे घर में शौचालय नहीं है, प्लीज शौचालय बनवा दीजिए।” विनीमा की इस मांग के बाद विधायक ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित विभाग के स्तर पर कार्रवाई कराने का भरोसा दिया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए जीता गोल्ड
विनीमा धान झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ स्थित बांभन टोली की रहने वाली हैं। उन्होंने भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 2026 जूनियर महिला एशिया कप में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम में जगह बनाई।
चीन में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। विनीमा ने टूर्नामेंट के दौरान अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने फील्ड गोल भी किया। उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से हराया था। इसके बाद फाइनल में भारत ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

यानी जिस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर अपनी पहचान बनाई, उसी खिलाड़ी के घर में आज भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है।

Adiwasi Mahotsav

सम्मान समारोह में सामने आई जमीनी हकीकत
शुक्रवार को तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया के आवासीय कार्यालय में खिलाड़ियों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें विनीमा धान के अलावा उनकी साथी खिलाड़ी रोशनी आईंद और अंडर-18 सब-जूनियर एशिया कप में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम की खिलाड़ी नीलम तोपनो को भी सम्मानित किया गया। इसी दौरान खिलाड़ियों और उनके परिवारों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याएं भी विधायक के सामने रखीं। विनीमा ने अपने घर में शौचालय नहीं होने की बात विधायक को बताई और इसे बनवाने की मांग की।

happy Teacher Day

विधायक ने तत्काल लिया संज्ञान
विनीमा की शिकायत सुनने के बाद विधायक सुदीप गुड़िया ने मामले को गंभीरता से लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने संबंधित विभाग के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराने और जल्द शौचालय निर्माण कराने का भरोसा दिया। इससे उम्मीद जगी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली इस खिलाड़ी के घर की बुनियादी जरूरत जल्द पूरी हो सकेगी।

resizone elanza

Telegram channel

2018 में ODF घोषित, फिर भी खिलाड़ी के घर शौचालय नहीं
विनीमा की मांग के बाद सबसे बड़ा सवाल सरकारी खुले में शौच से मुक्ति यानी ODF के दावों को लेकर उठ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ सहित पूरे झारखंड को 2018 में ODF घोषित किया गया था। इसके बावजूद एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के घर में शौचालय नहीं होना प्रशासनिक दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर का सवाल खड़ा करता है। हालांकि, किसी क्षेत्र को ODF घोषित किए जाने और हर व्यक्तिगत घर में शौचालय उपलब्ध होने की स्थिति को एक ही बात मानना जरूरी नहीं है। ऐसे में विनीमा के घर की वास्तविक स्थिति और शौचालय निर्माण का रिकॉर्ड स्थानीय स्तर पर जांच का विषय है।

विभाग ने बताया, शौचालय के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि यदि किसी घर में शौचालय नहीं बना है, तो लाभुक अपने स्तर पर शौचालय का निर्माण करा सकता है और नियमानुसार 12 हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। लाभुकों की सहायता के लिए प्रखंड स्तर पर को-ऑर्डिनेटर की व्यवस्था भी बताई गई है।

अब सवाल यह है कि विनीमा धान के परिवार तक यह सुविधा क्यों नहीं पहुंच सकी और क्या अब उनकी शिकायत के बाद विभाग इस मामले में तत्काल कार्रवाई करता है।

सिर्फ विनीमा ही नहीं, दूसरी खिलाड़ियों के परिवारों ने भी बताई समस्या
सम्मान समारोह में सिर्फ विनीमा धान ने ही अपनी समस्या नहीं रखी। उनकी साथी खिलाड़ी रोशनी आईंद के माता-पिता ने भी विधायक के सामने आवास से जुड़ी समस्या रखी। रिपोर्ट के मुताबिक रोशनी आईंद का परिवार तोरपा प्रखंड के गांव में रहता है और परिवार ने पक्के आवास की जरूरत बताई। वहीं नीलम तोपनो, जिन्होंने अंडर-18 सब-जूनियर एशिया कप में भारतीय टीम को कांस्य पदक दिलाने में योगदान दिया, उनके परिवार की ओर से भी आवास और गांव की सड़क से जुड़ी समस्या सामने रखी गई। यानी एक ही सम्मान समारोह में झारखंड की हॉकी प्रतिभाओं की उपलब्धियों के साथ उनके परिवारों की जमीनी चुनौतियां भी सामने आ गईं।

मैदान पर मेडल, घर में मूलभूत सुविधाओं की कमी
विनीमा धान की कहानी झारखंड की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को समझने का एक उदाहरण बनकर सामने आई है। खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीत रहे हैं, लेकिन उनके परिवारों के सामने कई बार आवास, शौचालय, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं बनी रहती हैं।

हॉकी के लिए झारखंड की पहचान देशभर में मजबूत है। खूंटी, सिमडेगा और राज्य के कई ग्रामीण इलाकों से खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में इन खिलाड़ियों के खेल प्रशिक्षण के साथ उनके परिवारों की बुनियादी जरूरतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

अब कार्रवाई का इंतजार
सम्मान समारोह में विनीमा धान ने अपनी मांग विधायक के सामने रख दी है और विधायक ने कार्रवाई का भरोसा भी दिया है। अब नजर इस बात पर है कि उनके घर में शौचालय का निर्माण कितनी जल्दी शुरू होता है। एक तरफ विनीमा धान ने हॉकी स्टिक से अंतरराष्ट्रीय मैदान पर भारत के लिए गोल्ड जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है, तो दूसरी तरफ उनके घर में शौचालय की मांग ने यह सवाल सामने ला दिया है कि क्या हमारे ग्रामीण खिलाड़ियों तक सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ वास्तव में समय पर पहुंच रहा है।

एक खिलाड़ी ने देश को गोल्ड दिया है, अब सवाल है—क्या सिस्टम उसे घर की एक बुनियादी सुविधा दे पाएगा?

Read more: भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली विनीमा धान बोलीं- ‘सर, मेरे घर में शौचालय नहीं’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Seraphinite AcceleratorOptimized by Seraphinite Accelerator
Turns on site high speed to be attractive for people and search engines.