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JPSC Scam:परीक्षा घोटाले में CID का शिकंजा और कसा, पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से फिर शुरू हुई पूछताछ

OMR Tampering

चौथे दिन भी CID मुख्यालय पहुंचे पूर्व चेयरमैन, OMR हेराफेरी और डेटा टेंपरिंग पर पूछे जा रहे सवाल

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते सोमवार को लगातार चौथे दिन पूछताछ के लिए CID मुख्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी उनसे परीक्षा संचालन, OMR शीट में कथित हेराफेरी, डेटा टेंपरिंग और चयन प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन दिनों की पूछताछ में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर CID अब जांच का दायरा और बढ़ा रही है। एजेंसी दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों के बयानों का मिलान कर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

OMR हेराफेरी और डेटा टेंपरिंग पर जांच तेज
CID की जांच में OMR शीट में कथित छेड़छाड़ और डेटा टेंपरिंग से जुड़े कई इनपुट मिले हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूर्व चेयरमैन से बार-बार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा संचालन के दौरान संवेदनशील डेटा तक किसकी पहुंच थी और कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का भी लगातार विश्लेषण किया जा रहा है।

JPSC कार्यालय पर छापेमारी के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
गौरतलब है कि 21 जुलाई को CID और रांची पुलिस ने JPSC कार्यालय में छापेमारी की थी। इसके कुछ ही समय बाद एल. खियांग्ते ने आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से जांच एजेंसी लगातार आयोग के अधिकारियों, कर्मचारियों और परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसियों से पूछताछ कर रही है। अब तक इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ भी की जा चुकी है।

कोचिंग संस्थानों पर भी CID की नजर
जांच को आगे बढ़ाते हुए सोमवार सुबह CID और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने रांची समेत राज्य के कई जिलों में कोचिंग संस्थानों के संचालकों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। छापेमारी के दौरान दस्तावेजों, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर CID ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

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पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
CID का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्य आधारित तरीके से आगे बढ़ रही है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अनियमितताएं किस स्तर तक हुईं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से पूछताछ जारी है। वहीं राज्यभर में चल रही छापेमारी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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