दिहाड़ी मजदूर की बेटी बनी झारखंड टॉपर
बोकारो की छोटी कुमारी ने JAC इंटर आर्ट्स में 478 अंक लाकर रचा इतिहास
बोकारो: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणामों में बोकारो की बेटी छोटी कुमारी ने पूरे राज्य में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। कसमार प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली छोटी कुमारी ने आर्ट्स संकाय में 478 अंक यानी 95.6 प्रतिशत अंक हासिल कर झारखंड टॉप किया है। उनकी यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा में अव्वल आने की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और सपनों की बड़ी मिसाल बन गई है।
मजदूरी कर पिता ने पढ़ाया, बेटी ने बढ़ाया मान
छोटी कुमारी के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं और राशन दुकान में काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए छोटी ने बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी भी सपनों का रास्ता नहीं रोक सकती।
रोज 4-5 घंटे करती थीं पढ़ाई
छोटी कुमारी ने बताया कि उन्होंने नियमित पढ़ाई और अनुशासन को अपनी सफलता का मंत्र बनाया। स्कूल की पढ़ाई के अलावा वह रोजाना 4 से 5 घंटे घर पर स्वअध्ययन करती थीं। उन्होंने कहा कि परिवार की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
IAS बनकर करना चाहती हैं देश सेवा
अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए छोटी ने कहा कि उनका सपना IAS अधिकारी बनने का है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने पिता को बहुत मेहनत करते देखा है। अब मेरा सपना है कि मैं IAS बनकर गरीबों और जरूरतमंदों के लिए काम करूं।” उनकी यह बात अब हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन रही है।
जिला प्रशासन करेगा सम्मानित
छोटी कुमारी की इस उपलब्धि पर पूरे बोकारो जिले में खुशी का माहौल है। जगरनाथ लोहारा ने कहा कि सुदूर गांव की बेटी ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से छोटी कुमारी को सम्मानित किया जाएगा।
बेटियों ने फिर मारी बाजी
इस वर्ष JAC इंटर रिजल्ट में छात्राओं का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। आर्ट्स के साथ-साथ साइंस और कॉमर्स संकाय में भी बेटियों ने टॉप कर यह साबित कर दिया कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। छोटी कुमारी की सफलता झारखंड की उन लाखों बेटियों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
संघर्ष से सफलता तक की कहानी
छोटी कुमारी की कहानी यह दिखाती है कि सफलता सिर्फ सुविधाओं से नहीं, बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास से हासिल होती है। आज बोकारो की यह बेटी पूरे झारखंड के लिए प्रेरणा बन चुकी है और आने वाले समय में IAS बनने का उनका सपना अब और मजबूत दिखाई दे रहा है।






