ना होर्मुज खुला, ना ईरान झुका… फिर क्यों अमेरिका ने खत्म किया युद्ध?

US-Iran War Ends

ट्रंप के यू-टर्न से भारत को राहत, तेल बाजार को मिली बड़ी गुड न्यूज

मुनादी लाइव : अमेरिका और ईरान के बीच कई हफ्तों से जारी तनाव अब अचानक ठंडा पड़ता दिख रहा है। पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रहे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को धीमा किया और फिर कुछ ही घंटों बाद ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ खत्म करने का ऐलान कर दिया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कल तक ईरान को मिटा देने की धमकी देने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक युद्ध रोकने का फैसला कर लिया? और इससे भारत को क्या फायदा मिलने वाला है?

क्या पूरी तरह खत्म हो गया अमेरिका-ईरान युद्ध?
मार्को रुबियो ने साफ कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का बड़ा सैन्य अभियान अब खत्म हो रहा है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’, जिसे अमेरिका ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर शुरू किया था, अपना लक्ष्य हासिल कर चुका है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह पूरी तरह युद्ध का अंत नहीं है। तनाव अभी भी बरकरार है और अमेरिका अब सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक दबाव की रणनीति अपना रहा है।

होर्मुज नहीं खुला, फिर क्यों पीछे हटा अमेरिका?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका चाहता था कि ईरान इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोल दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूसरी तरफ ईरान भी अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर झुकने को तैयार नहीं दिखा। इसके बावजूद अमेरिका ने युद्ध को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया। विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कई बड़े कारण हैं।

Adiwasi Mahotsav

तेल संकट और महंगाई बना बड़ा कारण
लगातार युद्ध की स्थिति से वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल शुरू हो गई थी। कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं और इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा था। अमेरिका में महंगाई पहले ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में लंबे युद्ध से तेल और गैस की कीमतें और बढ़ सकती थीं, जिसका सीधा नुकसान ट्रंप प्रशासन को उठाना पड़ता।

happy Teacher Day

भारत को कैसे मिलेगा फायदा?
अमेरिका के इस फैसले से सबसे बड़ी राहत भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को मिलने की उम्मीद है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। अगर होर्मुज में युद्ध और बढ़ता, तो तेल सप्लाई बाधित होती और कीमतें आसमान छू सकती थीं। अब युद्ध रुकने के संकेत से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। इसका फायदा भारत में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और अन्य ईंधनों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

resizone elanza

Telegram channel

समुद्री व्यापार पर भी असर कम होगा
होर्मुज मार्ग में तनाव बढ़ने से कई जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। भारत से जुड़े कई टैंकर भी इस इलाके में फंसे हुए थे। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद से समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिल सकती है।

ट्रंप अब युद्ध नहीं, डील चाहते हैं?
अमेरिकी विदेश मंत्री ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप अब सैन्य संघर्ष के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहते हैं। हालांकि अमेरिका चाहता है कि ईरान पहले अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर स्पष्ट रुख अपनाए। यानी युद्ध भले रुक गया हो, लेकिन दबाव की राजनीति अभी खत्म नहीं हुई है।

दुनिया के लिए राहत की खबर
मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका का यह कदम दुनिया के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। अगर आने वाले दिनों में बातचीत आगे बढ़ती है, तो वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौट सकती है और ऊर्जा संकट भी कम हो सकता है। अमेरिका ने भले ही ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान खत्म करने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन संघर्ष की कहानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। फिलहाल इतना जरूर है कि ट्रंप के इस फैसले ने दुनिया को राहत दी है और भारत जैसे देशों को तेल संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *