बाबा बैद्यनाथ धाम में बड़ा बदलाव! गर्भगृह में मोबाइल पूरी तरह बैन, पूरे साल बाहर से होगा जलार्पण
देवघर: विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन ने दो बड़े फैसले लिए हैं। अब मंदिर के गर्भगृह के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाह्य आर्घ्य (बाहर से जलार्पण) की व्यवस्था अब केवल श्रावणी मेले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे वर्ष जारी रहेगी। इन दोनों प्रस्तावों पर प्रशासन, पुरोहितों और पंडा धर्मरक्षिणी सभा की सहमति के बाद अंतिम मुहर लगा दी गई है।
गर्भगृह में मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह रोक
देवघर समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि गर्भगृह के भीतर मोबाइल फोन के उपयोग से दर्शन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। प्रशासन के अनुसार, कई श्रद्धालु पूजा-अर्चना की बजाय फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने में अधिक समय बिताते हैं, जिससे दर्शन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और लंबी कतारों में खड़े अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए अब गर्भगृह के अंदर मोबाइल फोन ले जाने और उसका उपयोग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है।
सुरक्षा कारणों से लिया गया अहम फैसला
मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय केवल व्यवस्था सुधारने के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के कारण बाबा बैद्यनाथ धाम की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन का मानना है कि गर्भगृह के संवेदनशील वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक होने से सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए मोबाइल प्रतिबंध आवश्यक हो गया था।
अब पूरे साल होगी बाह्य आर्घ्य की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बाह्य आर्घ्य व्यवस्था को पूरे वर्ष लागू रखने का फैसला किया है। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालु मंदिर के बाहर से ही जल अर्पित कर सकेंगे, जो विशेष पाइपलाइन के माध्यम से सीधे बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग तक पहुंचेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ का दबाव कम होगा और बुजुर्ग, दिव्यांग तथा लंबी कतारों में खड़े होने में असमर्थ श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनेगा नया फुटओवर ब्रिज
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में एक नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण की भी योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि भीड़ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों पर हुई समीक्षा
राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में भीड़ प्रबंधन को और बेहतर बनाने, वीआईपी पूजा व्यवस्था को व्यवस्थित करने तथा ‘शीघ्र दर्शनम’ कूपन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
रेलवे स्टेशन से मंदिर तक रहेगी कड़ी सुरक्षा
प्रशासन ने रेलवे और जिला प्रशासन को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। देवघर सहित आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। वहीं मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और रेलवे स्टेशनों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि यात्रियों को टिकट लेने में परेशानी न हो।
श्रद्धालु-हितैषी होगा श्रावणी मेला
प्रशासन का कहना है कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य आगामी श्रावणी मेले को पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी बनाना है। देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों को सहज दर्शन, सुरक्षित जलार्पण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।






