mela

छात्रों के समर्थन में जयराम महतो का एक दिवसीय निर्जला उपवास, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च में होंगे शामिल

Jairam Mahato
shrawani mela

रांची: JPSC-JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। JLKM सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो रविवार को आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में पुराने विधानसभा परिसर पहुंचे और एक दिवसीय निर्जला उपवास पर बैठ गए। जयराम महतो ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए और जल्द सकारात्मक फैसला करना चाहिए।

‘छात्रों की मांगों पर सरकार जल्द फैसला ले’
निर्जला उपवास पर बैठे जयराम महतो ने कहा कि छात्रों का आंदोलन लगातार चल रहा है और उनकी मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए समाधान की दिशा में ठोस पहल की जाए। जयराम महतो के मुताबिक, यह मुद्दा केवल कुछ छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।

shrawani mela

10 अगस्त के विधानसभा मार्च में होंगे शामिल
जयराम महतो ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च में खुद शामिल होंगे। JLKM की ओर से भी इस विधानसभा मार्च को समर्थन देने का ऐलान किया गया है। ऐसे में 10 अगस्त को होने वाला विधानसभा मार्च छात्र आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जयराम महतो के सीधे तौर पर इसमें शामिल होने की घोषणा के बाद आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर भी मजबूती मिलने की संभावना है।

JPSC-JSSC विवाद को लेकर आंदोलन जारी
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम समेत अलग-अलग स्तर पर छात्र JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

munadi live whattsapp banne.jpg

सरकार की ओर से आंदोलनरत छात्रों के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत का सिलसिला भी शुरू किया गया है। हालांकि, छात्रों की मांगों पर अंतिम समाधान को लेकर अभी आंदोलन जारी है। इसी बीच जयराम महतो का निर्जला उपवास और 10 अगस्त के विधानसभा मार्च में शामिल होने का ऐलान आंदोलन के अगले चरण की ओर इशारा कर रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि 10 अगस्त के विधानसभा मार्च में कितनी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठन शामिल होते हैं और सरकार की ओर से इस आंदोलन को लेकर क्या अगला कदम उठाया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *