रांची में सखुवा महोत्सव की भव्य शुरुआत: इक्कीशो महादेव धाम में राज्यपाल ने किया उद्घाटन
संजय सेठ समेत कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल

रांची: राजधानी रांची में शनिवार को प्रकृति, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का रंग देखने को मिला। रांची नगर निगम की ओर से इक्कीशो महादेव धाम परिसर में भव्य “सखुवा महोत्सव” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल द्वारा किया गया। महोत्सव में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और शहर के लोग शामिल हुए। सखुवा महोत्सव के माध्यम से झारखंड की पारंपरिक संस्कृति, प्रकृति और सामाजिक विरासत को सामने लाने का प्रयास किया गया।
कई प्रमुख जनप्रतिनिधि हुए शामिल
महोत्सव के अवसर पर राज्यपाल के अलावा रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, रांची विधायक सीपी सिंह, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, रांची मेयर रोशनी खलखो और डिप्टी मेयर नीरज कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने झारखंड की सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत से जुड़े आयोजन को सराहा।

कान्यकुब्ज स्वर्णकार पंचायत ने किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान इक्कीशो महादेव धाम मंदिर निर्माण कमेटी के मुख्य संरक्षक एवं श्री कान्यकुब्ज स्वर्णकार पंचायत, रांची के अध्यक्ष रविन्द्र लाल के नेतृत्व में पंचायत के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। इस दौरान राज्यपाल को अंगवस्त्र और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वागत कार्यक्रम में कमेटी के संरक्षक सुरेश प्रसाद साहू, संयोजक उमेश प्रसाद, कोषाध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उप कोषाध्यक्ष अश्विनी कुमार, शम्भू प्रसाद, त्रिभुवन प्रसाद, दिलीप कुमार सोनी, आनन्द कुमार, मुन्ना जी तथा पंचायत कोषाध्यक्ष सतीश कुमार वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सैकड़ों सदस्यों ने लिया हिस्सा
सखुवा महोत्सव में श्री कान्यकुब्ज स्वर्णकार पंचायत के सैकड़ों सदस्यों ने भी भाग लिया। आयोजन के दौरान सामाजिक सहभागिता और सामुदायिक एकजुटता देखने को मिली। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
झारखंड की प्रकृति और संस्कृति का प्रतीक है सखुवा
सखुवा झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा पेड़ माना जाता है। राज्य के ग्रामीण और आदिवासी जीवन में इसका विशेष महत्व है। सखुवा महोत्सव जैसे आयोजन प्रकृति संरक्षण, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय विरासत के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं।

इक्कीशो महादेव धाम परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सहभागिता का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया।






