कोडरमा में तीन नाबालिगों को बांधकर पीटने का आरोप, 100 से ज्यादा अज्ञात पर केस

Video of assault on minors

घर से दो नाबालिगों के पकड़े जाने के बाद जुटी भीड़ पर मारपीट का आरोप

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने POCSO और IT Act में दर्ज की प्राथमिकी

कोडरमा: कोडरमा के सदर थाना क्षेत्र में तीन नाबालिगों को कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट करने और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में 100 से अधिक अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी में POCSO Act, IT Act समेत अन्य संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।

नाबालिगों को पकड़ने के बाद जुटी भीड़
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को एक नाबालिग लड़की के घर से दो नाबालिग लड़कों को कुछ ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों ने तीनों नाबालिगों को रस्सी से बिजली के खंभे में बांध दिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया।

वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने लगा। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और घटना की जांच शुरू की। पुलिस अब वायरल वीडियो को जांच का हिस्सा बनाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और किसकी क्या भूमिका रही।

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100 से अधिक अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी
पुलिस ने मामले में 100 से अधिक अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी में नाबालिगों के साथ कथित मारपीट के अलावा वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। मामले में POCSO Act, IT Act समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने की जानकारी है। फिलहाल प्राथमिकी में अधिकांश आरोपी अज्ञात हैं। पुलिस वायरल वीडियो, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

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वायरल वीडियो से होगी आरोपियों की पहचान
पुलिस के लिए वायरल वीडियो इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान के साथ-साथ वीडियो को रिकॉर्ड करने और सोशल मीडिया पर अपलोड या प्रसारित करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के दौरान मौके पर कितने लोग मौजूद थे और तीनों नाबालिगों को किस परिस्थिति में पकड़ा गया था।

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नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन गंभीर
मामले में नाबालिग शामिल हैं, इसलिए उनकी पहचान सार्वजनिक करना या ऐसा वीडियो प्रसारित करना जिसमें उनका चेहरा या पहचान स्पष्ट होती हो, गंभीर कानूनी विषय है। ऐसे मामलों में नाबालिगों का नाम, फोटो, पता, स्कूल या ऐसी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए जिससे उनकी पहचान उजागर हो। सोशल मीडिया यूजर्स को भी मामले से जुड़े किसी भी ऐसे वीडियो या फोटो को शेयर अथवा रीपोस्ट करने से बचना चाहिए।

पुलिस जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच टीम वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर भीड़ में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस यह भी जांच करेगी कि घटना की शुरुआत किस परिस्थिति में हुई और नाबालिगों के साथ कथित मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आरोपित व्यक्तियों की भूमिका और घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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