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JSSC CGL पर हाईकोर्ट की रोक बरकरार, 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई

JSSC CGL High Court

रांची: झारखंड हाईकोर्ट में JSSC-CGL विज्ञापन संख्या 10/2023 समेत अन्य नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई के बाद संबंधित अधिसूचना पर लगी रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे होगी।

नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर रोक जारी
सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं और राज्य सरकार, दोनों पक्षों का पक्ष सुना। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने नियुक्तियों को रद्द करने से संबंधित अधिसूचना पर लगी रोक को जारी रखने का निर्देश दिया। मामले में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई है, जिसके तहत JSSC-CGL समेत अन्य नियुक्तियों से संबंधित अधिसूचना जारी की गई थी।

प्राकृतिक न्याय के पालन को लेकर अदालत का अवलोकन
सुनवाई के दौरान अदालत ने नियुक्त अभ्यर्थियों को सेवा से हटाने के संदर्भ में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के पालन की आवश्यकता को लेकर अपना अवलोकन दर्ज किया। अदालत के अनुसार, केवल एक अधिसूचना के आधार पर नियुक्त अभ्यर्थियों को सेवा से हटाने की कार्रवाई में प्राकृतिक न्याय के पहलू पर भी विचार किया जाना चाहिए। यह अदालत की सुनवाई के दौरान सामने आया अवलोकन है। इसे मामले का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। नियुक्तियों और राज्य सरकार की अधिसूचना से जुड़े अंतिम कानूनी प्रश्नों पर अदालत आगे सुनवाई करेगी।

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SIT जांच को लेकर भी निर्देश
मामले से जुड़ी SIT जांच को लेकर अदालत ने एक नोडल अधिकारी की व्यवस्था की है। इसके अलावा नियुक्त अभ्यर्थियों को होने वाली परेशानियों के समाधान की निगरानी की जिम्मेदारी रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को दी गई है। अदालत ने यह भी कहा है कि यदि किसी नियुक्त अभ्यर्थी को SIT जांच के दौरान अनावश्यक परेशानी होने की शिकायत है, तो वह अपनी शिकायत जस्टिस गौतम कुमार चौधरी के समक्ष रख सकता है।

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राज्य सरकार ने दाखिल किया शपथ पत्र
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मामले में शपथ पत्र दाखिल किया गया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं की ओर से उस पर प्रति-उत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। अदालत ने प्रति-उत्तर दाखिल करने के लिए समय देने का अनुरोध स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई।

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दोनों पक्षों ने रखा अपना पक्ष
राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहित राय ने अदालत में पक्ष रखा। वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पटवालिया, पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स और अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की। मामले में आकाश गौरव एवं अन्य तथा निरोज खेस एवं अन्य की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं।

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7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सभी पक्षों की सहमति के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की है। सुनवाई सुबह 11:30 बजे से निर्धारित है। फिलहाल संबंधित अधिसूचना पर लगी रोक बरकरार है। मामले में राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र पर याचिकाकर्ताओं का प्रति-उत्तर और आगे की दलीलें अगली सुनवाई में सामने आएंगी।

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