गढ़वा में अवैध खनन पर प्रशासन का शिकंजा, 15 अक्टूबर तक रोक के बीच सख्त कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
अवैध खनन में लगे वाहनों की होगी जब्ती
गढ़वा: जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस संबंध में गढ़वा समाहरणालय में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने की। बैठक में जिले में अवैध खनन, खनिजों के परिवहन और भंडारण के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। साथ ही आने वाले दिनों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार की गई।
15 अक्टूबर तक खनन कार्यों पर रोक
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि एनजीटी के निर्देश के तहत 15 अक्टूबर 2026 तक खनन कार्यों पर रोक है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस अवधि में प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और अवैध खनन की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
अवैध खनन में इस्तेमाल वाहन होंगे जब्त
जिला प्रशासन के अनुसार अवैध खनन में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों को जब्त करने के साथ संबंधित मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कार्रवाई के लिए बीएनएसएस की संबंधित धाराओं, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 तथा एनजीटी के निर्देशों के तहत कार्रवाई करने की बात कही है।
संयुक्त छापेमारी दल रहेगा सक्रिय
अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई के लिए नियमित रूप से संयुक्त छापेमारी दल सक्रिय रहेगा। संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन से जुड़ी किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और शिकायत मिलने के बाद तत्काल स्थल पर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसलिए प्रशासन की प्राथमिकता अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जिले के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करना है।

प्रशासन ने आम लोगों से मांगा सहयोग
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि कहीं अवैध बालू खनन, अवैध परिवहन या खनिजों के अवैध भंडारण की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या नजदीकी थाना को दें। प्रशासन का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
बैठक में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी एबिन बेनी अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) यशोधरा जिला, जिला परिवहन पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा कुमार मयंक भूषण और जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। वहीं जिले के अन्य अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और विभिन्न थानों के थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश
गढ़वा जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। एनजीटी की रोक के दौरान विशेष निगरानी और संयुक्त छापेमारी के जरिए अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की तैयारी की गई है। अब आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि जिले में अवैध खनन के नेटवर्क पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है।






