हजारीबाग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राहुल दुबे गैंग के दो कथित सदस्य मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार; एक के पैर में लगी गोली
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राहुल दुबे गैंग के दो कथित सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, केरेडारी थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हुई इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को भी मौके से दबोच लिया गया। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी खनन क्षेत्र में लेवी वसूली के उद्देश्य से पहुंचे थे और किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी कर रहे थे।
गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई
हजारीबाग पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बुकरु गांव और चंद्रगुप्त माइंस कंपनी के आसपास बाइक सवार कुछ संदिग्ध अपराधी सक्रिय हैं। सूचना मिलते ही केरेडारी थाना और पगार ओपी की संयुक्त पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस की नजर बाइक पर सवार दो संदिग्धों पर पड़ी। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और जंगल की ओर भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की ओर से की गई फायरिंग के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को पहले बड़कागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग रेफर कर दिया गया।
पिस्टल और बाइक बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से एक पिस्टल और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस का कहना है कि भागने के दौरान आरोपियों ने हथियार फेंककर बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे भी बरामद कर लिया।
बरामद हथियार और वाहन को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में बदल रहे हैं पहचान
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी लगातार अपना नाम और पहचान बदलने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस उनकी वास्तविक पहचान, आपराधिक इतिहास और राहुल दुबे गैंग में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन के बाद आरोपियों के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और उनके नेटवर्क की भी जांच की जाएगी।
एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार और बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी अमन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी खनन क्षेत्र में लेवी वसूली के उद्देश्य से पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
गैंग के नेटवर्क पर पुलिस की नजर
केरेडारी थाना प्रभारी वेद प्रकाश ने भी पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसके साथ ही गैंग के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। हाल के दिनों में खनन क्षेत्रों में सक्रिय लेवी वसूली नेटवर्क के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच इस कार्रवाई को पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक जांच पूरी होने से पहले आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। मामले की विवेचना जारी है।






