JSSC-CGL गड़बड़ी मामले में बड़ा एक्शन, पत्थलगड्डा BSO तेजनारायण पंडित हिरासत में
CID के निर्देश पर स्थानीय पुलिस की कार्रवाई, परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर पूछताछ जारी
17 अगस्त को CM हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL रद्द करने का किया था ऐलान
चतरा: JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने पत्थलगड्डा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) तेजनारायण पंडित को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि CID के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने यह कार्रवाई की है। हिरासत में लेने के बाद तेजनारायण पंडित से परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। मामले में BSO का नाम सामने आने के बाद CID की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, फिलहाल पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से तेजनारायण पंडित की कथित भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में उनकी भूमिका क्या रही है।
CID के निर्देश पर पुलिस ने लिया हिरासत में
जानकारी के अनुसार, JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान कुछ दिन पहले तेजनारायण पंडित का नाम सामने आया था। इसके बाद CID के स्तर से स्थानीय पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने तेजनारायण पंडित को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े संपर्क, भूमिका और अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तेजनारायण पंडित को आगे गिरफ्तार किया जाएगा या पूछताछ के बाद कोई अन्य कार्रवाई होगी। पुलिस की जांच और CID के अगले कदम के बाद ही स्थिति साफ होगी।




BSO से पूछताछ में क्या सामने आएगा?
जांच एजेंसी की पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितता से तेजनारायण पंडित का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं। इसके अलावा जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि परीक्षा से जुड़े किसी व्यक्ति या नेटवर्क के साथ उनका संपर्क था या नहीं। हालांकि, अभी तक इन बिंदुओं पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल तेजनारायण पंडित को हिरासत में लिए जाने को जांच की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है और उनकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।





JSSC-CGL रद्द होने के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
JSSC-CGL मामले में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब झारखंड सरकार ने परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 17 अगस्त को कहा था कि कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि 2014 से अब तक हुई छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की जांच की जाएगी। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में रिफॉर्म कमिटी गठित करने की भी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद अब JSSC-CGL से जुड़े कथित अनियमितता मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
छात्रों का आंदोलन भी रहा फैसले की पृष्ठभूमि में
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में लंबे समय से अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा था। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शामिल रही है। सरकार की ओर से परीक्षा रद्द किए जाने के बाद छात्रों की एक प्रमुख मांग पूरी हो गई है, लेकिन आंदोलनकारी CBI जांच की मांग पर अब भी कायम हैं। ऐसे में JSSC-CGL से जुड़े लोगों से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियों को लेकर आने वाले दिनों में जांच और तेज होने की संभावना है।
अब CID की अगली कार्रवाई पर नजर
तेजनारायण पंडित से पूछताछ के दौरान क्या जानकारी सामने आती है और उसके आधार पर CID आगे क्या कार्रवाई करती है, यह इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी है और आधिकारिक तौर पर उनकी भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। जांच एजेंसी के सामने अब यह चुनौती है कि JSSC-CGL में कथित गड़बड़ी की पूरी कड़ी को जोड़ा जाए और यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता के ठोस प्रमाण मिलते हैं तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।




