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गांधी जयंती पर दिल्ली से मुंबई तक CEC के खिलाफ प्रदर्शन, AAP नेता हिरासत में

CJP Jail Bharo Andolan

जंतर-मंतर प्रदर्शन को पुलिस की अनुमति नहीं, धारा 163 लागू; CJP ने मुंबई से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया

नई दिल्ली/मुंबई: देश शुक्रवार, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की 157वीं जयंती मना रहा है। दिल्ली के राजघाट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं दूसरी ओर, इसी दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया को लेकर दिल्ली और मुंबई समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम भी सामने आया है। दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति नहीं दी गई और इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधात्मक आदेश लागू किए गए। इसके बावजूद प्रदर्शन के लिए पहुंचे आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के मध्य इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग के साथ जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही को नियंत्रित किया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने भी सुरक्षा कारणों से 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद किया। हालांकि कुछ प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रखी गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। AAP नेताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन दलों और संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल उठ रहे हैं।

CJP ने मुंबई से ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया
दूसरी तरफ Cockroach Janta Party यानी CJP ने भी 2 अक्टूबर से चुनाव आयोग के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुंबई के शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया है। CJP की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव आयोग में आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग शामिल है। संगठन ने SIR और मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि मुंबई पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद CJP की ओर से आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। संगठन ने संकेत दिया है कि मुंबई से शुरू होने वाली गतिविधियों को देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाया जाएगा।

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4 अक्टूबर को मुंबई में ठाकरे गुटों का मार्च
CEC और SIR को लेकर महाराष्ट्र में भी विरोध का कार्यक्रम तय है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 4 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च बायकुला से शुरू होकर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक जाने का कार्यक्रम है। दोनों नेताओं ने अन्य राजनीतिक दलों और नागरिकों से भी इसमें शामिल होने की अपील की है। 2 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने भी 4 अक्टूबर के इस मार्च में शामिल होने की घोषणा की है। इससे मुंबई के प्रस्तावित प्रदर्शन में विपक्षी दलों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।

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SIR को लेकर चुनाव आयोग का पक्ष भी सामने
SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग ने अपने फैसलों और प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष रखा है। आयोग की ओर से कहा गया है कि तीन सदस्यीय आयोग ने अपने फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं। इसलिए प्रदर्शन में लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक दलों और संगठनों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक संबंधित आरोपों पर कोई आधिकारिक या न्यायिक निष्कर्ष सामने न आए।

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