टूटे पैर का इलाज, ICU में मौत और ₹22 लाख का बिल! रांची के Raj Hospitals पर गंभीर आरोप

Ranchi private hospital negligence

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के Raj Hospitals पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। सड़क हादसे में घायल एक युवक को टूटे पैर के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के कारण युवक की जान गई और मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे 22 लाख रुपये का बिल जमा करने को कहा। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पैर के इलाज के लिए भर्ती, ICU में हुई मौत
जानकारी के अनुसार, लातेहार जिले के रहने वाले 18 वर्षीय राजू कुमार रंजन 24 मई को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। हादसे में उनका पैर टूट गया था, जिसके इलाज के लिए उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने गंभीर लापरवाही बरती, जिससे राजू के पैर में संक्रमण फैल गया और बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप- समय पर ड्रेसिंग नहीं की गई
मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में दो से तीन दिनों तक घाव की ड्रेसिंग नहीं की गई, जिसके कारण संक्रमण तेजी से फैल गया। उनका कहना है कि यदि समय पर सही इलाज किया जाता तो राजू की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब चोट केवल पैर में थी, तो संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों तक कैसे पहुंच गया।

मौत के बाद थमाया ₹22 लाख का बिल
राजू की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को 22 लाख रुपये का बिल सौंप दिया। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों तथा अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इलाज में हुई चूक के कारण उनके बेटे की जान चली गई और अब अस्पताल भारी-भरकम बिल वसूलने की कोशिश कर रहा है।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान
घटना से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया।

जिला स्तरीय विशेष जांच टीम का गठन
रांची उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन को जांच का जिम्मा सौंपा है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिला स्तरीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। यह टीम अस्पताल के रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी दिए जांच के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार को उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन या संबंधित डॉक्टर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पोस्टमार्टम के बाद सामने आएंगे कई सवालों के जवाब
परिजनों के विरोध के बाद राजू कुमार रंजन के शव का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया है। अब जांच टीम की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इलाज में वास्तव में कोई लापरवाही हुई थी।

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