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MMDR संशोधन बिल के विरोध में झामुमो का हुंकार, 7 सितंबर को गढ़वा में होगा विशाल धरना-प्रदर्शन

MMDR Bill Jharkhand Protest

झामुमो नगर परिषद की बैठक में केंद्र सरकार के MMDR बिल को बताया ‘काला कानून’

नगर परिषद अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने की अपील

गढ़वा: केंद्र सरकार के खान एवं खनिज विकास विनियमन (MMDR) संशोधन बिल के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। आगामी 7 सितंबर को गढ़वा में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति को लेकर झामुमो नगर परिषद, गढ़वा की बैठक पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के कल्याणपुर स्थित आवास पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता झामुमो नगर परिषद अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने की, जबकि मंच संचालन झामुमो युवा मोर्चा नगर परिषद सचिव दीनदयाल पासवान ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 7 सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना और इसे प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार करना रहा।

झामुमो ने MMDR संशोधन बिल को बताया ‘काला कानून’
बैठक में झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार के MMDR संशोधन बिल को सर्वसम्मति से ‘काला कानून’ करार दिया और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। नेताओं ने आरोप लगाया कि इस संशोधन के लागू होने से झारखंड के अधिकार और राज्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। झामुमो नेताओं का कहना है कि खनिज संपदा से जुड़े अधिकारों और राजस्व पर असर पड़ने की स्थिति में राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। बैठक में नेताओं ने दावा किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति प्रभावित होने पर मंईयां सम्मान योजना, वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन योजनाओं, शिक्षा एवं छात्रवृत्ति योजनाओं, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इन योजनाओं के बंद होने या प्रभावित होने का दावा झामुमो नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया और आशंका के रूप में सामने आया है।

7 सितंबर के आंदोलन को सफल बनाने की अपील
झामुमो नगर परिषद अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बिल झारखंड के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए लोगों को आगे आना होगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों से 7 सितंबर के धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन के साथ सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करना चाहिए।

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‘केंद्र सरकार को कानून वापस लेना होगा’
आशीष अग्रवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को इस संशोधन को वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार अपनी नीति पर पुनर्विचार नहीं करती है तो झामुमो आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया।

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बैठक में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में झामुमो के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इनमें जवाहर पासवान, तनवीर आलम, परेश तिवारी, रेखा चौबे, चंदन जायसवाल, राजा सिंह, वसीम खान, नवीन तिवारी, दिलीप गुप्ता, फरीद खान, शरीफ अंसारी, फुजेल अहमद, राजेश विश्वकर्मा और करीमन बघेल सहित अन्य लोग शामिल रहे। बैठक के दौरान आगामी आंदोलन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेदारियां तय करने और अधिक से अधिक लोगों को धरना-प्रदर्शन से जोड़ने पर चर्चा की गई। झामुमो की ओर से 7 सितंबर को प्रस्तावित यह धरना-प्रदर्शन MMDR संशोधन बिल के खिलाफ पार्टी के विरोध को सड़क पर मजबूती से रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आंदोलन में कितनी संख्या में लोग शामिल होते हैं और इसके बाद केंद्र तथा राज्य की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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