सरकार ने छात्रों की सभी प्रमुख मांगें मानीं, CJP ने खत्म किया जंतर-मंतर आंदोलन; संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ बड़ा ऐलान
नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का छात्र आंदोलन शनिवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच चली कई दौर की वार्ताओं के बाद दोनों पक्षों ने समझौते पर सहमति जताई। इसके बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह तथा CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि सरकार ने छात्रों की तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद CJP ने जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ समझौते का ऐलान
सरकार और CJP के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार बातचीत चल रही थी। पहले चरण में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि शनिवार को हुई अंतिम बैठक में आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों पक्षों ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला गया। इसके बाद औपचारिक रूप से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने पर सहमति
समझौते का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को लेकर रहा। CJP ने लंबे समय से मांग की थी कि देशभर में आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए।संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि सरकार ने इस मांग पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि, एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया संबंधित कानूनी और प्रशासनिक नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
CJP ने कहा- तीनों मांगें स्वीकार हुईं
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के प्रवक्ताओं ने कहा कि सरकार ने संगठन की तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसी कारण आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। CJP ने जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों, युवाओं और समर्थकों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने घर लौट जाएं और आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
सरकार ने बातचीत से निकाला समाधान
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम है। सरकार ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना और विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनाने का प्रयास किया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मुद्दों पर लगातार संवाद जारी रखा जाएगा।
कई दिनों से जारी था आंदोलन
जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन कई दिनों से चल रहा था। आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र और युवा दिल्ली पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा प्रणाली, छात्रों के अधिकार और अन्य मांगों को लेकर लगातार धरना और विरोध प्रदर्शन किया गया।
बीते दिनों सरकार और CJP के बीच कई दौर की बैठकें हुई थीं। पहले कुछ बैठकों में सहमति नहीं बन सकी थी, लेकिन शनिवार को अंतिम दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने समाधान निकालने का दावा किया।
छात्रों से घर लौटने की अपील
आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के बाद CJP नेताओं ने मंच से छात्रों और युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य पूरा हो चुका है और अब सभी शांतिपूर्वक अपने घर लौटें। जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने भी आंदोलन समाप्त होने के ऐलान का स्वागत किया। इसके बाद धीरे-धीरे प्रदर्शन स्थल खाली होना शुरू हो गया।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि समझौते के तहत घोषित फैसलों को किस समयसीमा में लागू किया जाता है। विशेष रूप से छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और अन्य सहमत बिंदुओं पर संबंधित विभागों की ओर से औपचारिक आदेश जारी होने का इंतजार रहेगा। यदि सरकार तय समय में इन फैसलों को लागू करती है, तो हाल के दिनों में देशभर में चल रहा यह छात्र आंदोलन औपचारिक रूप से पूरी तरह समाप्त माना जाएगा।






