JPSC-JSSC विधानसभा घेराव से पहले अलर्ट, 25 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के जुटने का अनुमान

रांची: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर पिछले 16 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोमवार को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्पेशल ब्रांच ने पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार को अलर्ट जारी करते हुए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के जुटने की संभावना जताई है। खुफिया इनपुट के मुताबिक, झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी अभ्यर्थियों के रांची पहुंचने की संभावना है। अनुमान है कि विधानसभा घेराव में 25 हजार से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।
भीड़ में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ का अलर्ट
स्पेशल ब्रांच ने आशंका जताई है कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व शामिल होकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया इनपुट में पुलिस के साथ टकराव की स्थिति पैदा करने, बैरिकेडिंग तोड़ने, पथराव या पुलिसकर्मियों पर लाठी से हमला करने जैसी आशंकाएं भी जताई गई हैं। स्पेशल ब्रांच ने पुलिस को ऐसे संभावित तत्वों की पहचान करने और भीड़ के बीच उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। इनपुट में यह भी आशंका जताई गई है कि आंदोलन को बदनाम करने के उद्देश्य से कुछ लोग जानबूझकर हंगामा खड़ा कर सकते हैं।

CM हेमंत ने कहा- ‘छात्र हमारे बच्चे हैं’
स्पेशल ब्रांच के अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिसकर्मियों से संयम बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र हमारे बच्चे हैं और बच्चों पर लाठी नहीं बरसाई जाएगी। सरकार की ओर से पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ संयमित व्यवहार करने का संदेश दिया गया है। इससे साफ है कि प्रशासन एक तरफ संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौती को लेकर पूरी तरह सतर्क है, वहीं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के प्रति संयम बरतने की रणनीति भी अपनाई जा रही है।
विधानसभा के आसपास कई स्तरों की सुरक्षा
विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। कई जगहों पर कंटीले और नुकीले तार भी लगाए गए हैं। विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों और अधिकारियों की तैनाती की गई है। दूसरे जिलों और राज्यों से रांची पहुंचने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर है।
रेलवे स्टेशनों पर भी बढ़ी निगरानी
रविवार को रांची के कई रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। कुछ वीडियो में काफी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं है, लेकिन प्रशासन की नजर राजधानी में बाहर से पहुंचने वाले लोगों की गतिविधियों पर बनी हुई है।

स्कूलों और ट्रैफिक पर भी असर
विधानसभा घेराव के कारण राजधानी की यातायात व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। संभावित ट्रैफिक जाम और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रांची के कई निजी स्कूलों ने सोमवार को स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। अभिभावकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। वहीं प्रशासन की ओर से विधानसभा की ओर जाने वाले कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन की तैयारी की गई है। इसका सीधा असर आम लोगों के आवागमन पर पड़ सकता है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी नियंत्रित रहे।

16 दिन से जारी है छात्र आंदोलन
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थी पिछले 16 दिनों से आंदोलनरत हैं। सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति जताई गई है, लेकिन CBI जांच और कुछ अन्य प्रमुख मुद्दों को लेकर अब भी गतिरोध बना हुआ है। इसी असहमति के बाद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि हजारों की संभावित भीड़ के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। प्रशासन अलर्ट मोड पर है, जबकि आंदोलनकारी छात्र भी लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कह रहे हैं।






