वियतनाम में सड़क हादसे में रांची के राजा कुमार की मौत, शव लाने के लिए मदद की गुहार
रांची: वियतनाम में सड़क दुर्घटना में रांची के 26 वर्षीय योग शिक्षक राजा कुमार की मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर भारत लाने में परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार के मुताबिक, वियतनाम से शव को रांची लाने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च आने की बात सामने आई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना मुश्किल है। राजा कुमार के परिजनों ने अब केंद्र और झारखंड सरकार से हस्तक्षेप कर उनके पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने में मदद की गुहार लगाई है।
झारखंड हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका
मामले को लेकर राजा कुमार के भाई ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। परिवार की अपील है कि विदेश में फंसे राजा कुमार के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए, ताकि अंतिम संस्कार रांची में किया जा सके।
आदि योग अकादमी में योग शिक्षक थे राजा कुमार
राजा कुमार रांची के चूना भट्ठा इलाके के रहने वाले थे। वह वियतनाम की आदि योग अकादमी में योग शिक्षक के रूप में काम कर रहे थे। परिवार के अनुसार, योग कक्षा समाप्त करने के बाद लौटने के दौरान राजा कुमार सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में उनकी मौत हो गई। विदेश में हुई इस दुर्घटना के बाद परिवार को पहले उनके निधन की सूचना मिली और अब सबसे बड़ी चुनौती उनका पार्थिव शरीर भारत वापस लाना है।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर
परिजनों के अनुसार, राजा कुमार के पिता बिजली मिस्त्री हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। ऐसे में विदेश से शव भारत लाने के लिए बताई जा रही करीब 20 लाख रुपये की राशि परिवार के लिए बहुत बड़ी है। परिवार का कहना है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार प्रयास कर रहा है, लेकिन इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था करना संभव नहीं हो पा रहा है।
सरकार से तत्काल मदद की मांग
राजा कुमार के भाई ने केंद्र और राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिवार चाहता है कि संबंधित भारतीय मिशन और सरकारी एजेंसियों के माध्यम से वियतनाम में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाया जाए। परिवार की मांग है कि आर्थिक सहायता या सरकारी स्तर पर आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि राजा कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक शहर रांची में हो सके।
विदेश में मौत के बाद परिवार के सामने बढ़ी परेशानी
विदेश में किसी भारतीय नागरिक की मौत के बाद शव को स्वदेश लाने के लिए कई औपचारिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा एयर ट्रांसपोर्ट और अन्य संबंधित खर्च भी परिवार पर आर्थिक बोझ डाल सकते हैं। राजा कुमार के मामले में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति इस चुनौती को और गंभीर बना रही है। फिलहाल परिजनों की नजर सरकार की मदद और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर है। परिवार की मुख्य मांग है कि राजा कुमार का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द रांची लाया जाए, ताकि परिवार अंतिम विदाई दे सके।
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