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नौकरी का सपना दिखाकर दुबई भेजी मोनिका, पासपोर्ट जब्त और जबरन काम कराने का आरोप

Ranchi Monika Kachhap Dubai

रांची एयरपोर्ट थाने में FIR, परिवार ने विदेश मंत्रालय से बेटी को सुरक्षित भारत लाने की लगाई गुहार

रांची: राजधानी रांची के छोटा घाघरा इलाके से एक महिला को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर UAE भेजने और वहां कथित तौर पर बंधक जैसी स्थिति में रखकर काम कराने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि करीब 37 वर्षीय मोनिका कच्छप को बेहतर नौकरी, रहने और खाने की सुविधा का भरोसा देकर दुबई भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया और उसे अलग-अलग घरों में घरेलू काम के लिए भेजा गया। मामले में मोनिका की मां रतना कच्छप ने रांची के एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। परिवार ने राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से मोनिका को सुरक्षित भारत वापस लाने की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ऑनलाइन एजेंट के जरिए मिला था नौकरी का भरोसा
शिकायत के अनुसार, मोनिका विदेश में नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान ऑनलाइन माध्यम से उसका संपर्क UAE के अजमान में स्थित AMD Trend Solution LLC से जुड़े एक कथित एजेंट से हुआ। परिवार का आरोप है कि एजेंट प्रियंका ने मोनिका को विदेश में नौकरी के साथ भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसी भरोसे के बाद मोनिका ने एजेंट को ऑनलाइन माध्यम से पैसे भेजे। अलग-अलग रिपोर्टों में भुगतान की राशि अलग-अलग बताई गई है, जबकि परिवार की शिकायत में भुगतान से संबंधित दस्तावेज भी लगाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद मई 2026 में मोनिका दिल्ली से UAE के लिए रवाना हुई और 6 मई को शारजाह पहुंची।

शारजाह पहुंचते ही पासपोर्ट लेने का आरोप
परिवार की शिकायत के मुताबिक, शारजाह एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एजेंसी की ओर से भेजे गए वाहन के चालक ने मोनिका का मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे अजमान स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के लोगों ने मोनिका से अरबी भाषा में लिखे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवाए। परिवार का कहना है कि मोनिका अरबी भाषा नहीं समझती थी, इसलिए उसे यह जानकारी नहीं थी कि जिन दस्तावेजों पर उससे हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं, उनमें क्या लिखा है।

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मोबाइल लेने और कथित लोन का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मोनिका का मोबाइल फोन ले लिया गया और प्रियंका के साथ उसकी WhatsApp बातचीत को कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया। इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से उसे कथित तौर पर बताया गया कि उसने 12,600 दिरहम का कर्ज लिया है। परिवार का आरोप है कि तय समय तक रकम नहीं चुकाने पर उसे जेल भेजने की धमकी दी गई। हालांकि, यह कथित लोन वास्तविक था या नहीं और दस्तावेजों में क्या दर्ज था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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घर में घरेलू काम कराने का आरोप
FIR में परिवार ने आरोप लगाया है कि मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया। वहां करीब एक महीने तक उससे झाड़ू-पोछा, बर्तन और बाथरूम साफ कराने का काम कराया गया। इसके बाद उसे अलग-अलग घरों में काम के लिए भेजे जाने का भी आरोप है। परिवार के मुताबिक, भाषा की समस्या के कारण मोनिका को वहां काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि कुछ समय बाद उसे देखभाल से जुड़े घरेलू काम के लिए दूसरे घर में भेजा गया, लेकिन भाषा संबंधी परेशानी के कारण उसे वापस एजेंसी कार्यालय लाया गया।

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भारत लौटना चाहा तो रकम मांगने का आरोप
परिवार के मुताबिक, मोनिका ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए भारत वापस लौटने की इच्छा जताई। आरोप है कि इसके बाद उससे कथित तौर पर बड़ी रकम की मांग की गई। परिवार का कहना है कि मोनिका को भारत लौटने की अनुमति नहीं दी गई और उसे धमकाया गया। इन आरोपों के आधार पर परिवार ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने और बेटी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने की मांग की है।

मां ने विदेश मंत्रालय से लगाई मदद की गुहार
बेटी के UAE में फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने रांची पुलिस से संपर्क किया। रतना कच्छप ने अपनी बेटी को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है। एयरपोर्ट थाना प्रभारी पंकज के मुताबिक, मामले की जानकारी विदेश मंत्रालय को पत्र के माध्यम से दी गई है और दिल्ली से भी आवश्यक सहयोग मांगा गया है।

इन लोगों और कंपनी के खिलाफ शिकायत
प्राथमिकी में प्रियंका, रितेश, मोहम्मद मेराज अंसारी और AMD Trend Solution LLC से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। परिवार की शिकायत में धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन श्रम कराने, धमकी और कथित वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल जांच का विषय है। आरोपियों की ओर से इस मामले में कोई पक्ष सामने आने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए।

पुलिस जांच और सुरक्षित वापसी पर नजर
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता मोनिका की सुरक्षित वापसी को लेकर है। परिवार पुलिस और केंद्र सरकार से लगातार मदद की मांग कर रहा है। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं विदेश मंत्रालय को भी मामले की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विदेश भेजने वाली एजेंसी की भूमिका क्या थी, मोनिका के पासपोर्ट और दस्तावेज किस परिस्थिति में लिए गए और UAE में उसके साथ वास्तव में क्या हुआ। मोनिका के परिवार के लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।

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