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₹804 करोड़ वाले फ्रीज बैंक खातों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, TMC को नहीं मिली राहत

Mamata TMC bank accounts

चार खातों को ऑपरेट करने की मांग पर SC ने हाईकोर्ट के आदेश में दखल से इनकार किया, जल्द सुनवाई के निर्देश

नई दिल्ली: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) गुट को सुप्रीम कोर्ट से फ्रीज किए गए चार बैंक खातों को ऑपरेट करने की मांग पर तत्काल राहत नहीं मिली है। इन चार खातों में करीब ₹804 करोड़ होने की बात सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें इन खातों को संचालित करने की अंतरिम अनुमति देने से मना किया गया था। सुप्रीम कोर्ट की पीठ में जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले शामिल थे। अदालत ने साफ किया कि वह इस मामले के मेरिट में नहीं जा रही है और कलकत्ता हाईकोर्ट से लंबित मामले की सुनवाई जल्द पूरी करने का अनुरोध किया।

चार बैंक खातों में करीब ₹804 करोड़
मामला TMC के चार बैंक खातों से जुड़ा है, जिन्हें डेबिट ट्रांजैक्शन के लिए फ्रीज किया गया है। TMC के ममता बनर्जी गुट ने इन खातों को संचालित करने की अनुमति मांगते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, चारों खातों में कुल मिलाकर करीब ₹804 करोड़ की राशि है। पार्टी की ओर से खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी।

SC ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से इनकार करते हुए कहा कि वह मामले के मेरिट में नहीं जा रहा है। पीठ ने हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई में तेजी लाने को कहा। इसका मतलब यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला नहीं दिया है कि खातों में मौजूद रकम पर अंतिम अधिकार किस गुट का है। यह विवाद अभी संबंधित न्यायिक कार्यवाही में लंबित है।

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी नहीं दी थी अंतरिम अनुमति
इससे पहले 27 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट को इन चार खातों को सीधे ऑपरेट करने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि ऐसी अनुमति उसके पहले के उस आदेश को प्रभावित कर सकती है, जिसके तहत पार्टी को रोजमर्रा के प्रशासनिक और कानूनी खर्चों को पूरा करने की व्यवस्था दी गई थी। हालांकि, तीन अन्य बैंक खातों के मामले में हाईकोर्ट ने पहले सीमित संचालन की व्यवस्था की थी। उन खातों से रोजमर्रा के खर्चों के लिए राशि निकालने की निगरानी के लिए एक विशेष अधिकारी की व्यवस्था की गई थी।

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बैंक खाते फ्रीज क्यों किए गए?
रिपोर्टों के मुताबिक, चार खातों को पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई के तहत डेबिट-फ्रीज किया गया था। TMC की ओर से खातों को फ्रीज करने के आधार और संबंधित FIR में कथित कमियों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस मामले से जुड़ी अलग-अलग कानूनी कार्यवाहियों में पार्टी के बैंक खातों, पुलिस जांच और TMC के भीतर संगठनात्मक अधिकार को लेकर विवाद सामने आया है।

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TMC के नाम और चुनाव चिह्न का विवाद भी जुड़ा
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रही अलग कानूनी प्रक्रिया का भी संज्ञान लिया। चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी के अलग-अलग गुटों के दावे लंबित हैं। यही वजह है कि बैंक खातों में मौजूद रकम पर अधिकार का सवाल भी व्यापक संगठनात्मक विवाद से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चार बैंक खातों को सीधे ऑपरेट करने की तत्काल मांग पर राहत नहीं मिली है। अब इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से मामले को जल्द सुनने का अनुरोध किया है। इसलिए फिलहाल ₹804 करोड़ वाले चार बैंक खातों के संचालन का अंतिम अधिकार तय नहीं हुआ है और इस मुद्दे पर आगे की कानूनी प्रक्रिया का इंतजार रहेगा।

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