चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के कथित अपहरण में बड़ा एक्शन, दरोगा के बेटे समेत 9 पर नामजद FIR
सौरभ कुमार के कथित अपहरण और मारपीट मामले में विधानसभा थाना में प्राथमिकी
पुलिस ने दो घंटे में किया था सकुशल बरामद
रांची: चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार के कथित अपहरण मामले में घटना के करीब 24 घंटे बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ अज्ञात युवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। नामजद आरोपियों में लक्की राज, आयुष मिश्रा, प्रकाश कुमार, रौनक सिंह, प्रीतम सिंह, राहुल बनिया, बाबू साहेब आयुष, शौर्या राज और रोहित सिंह उर्फ तोता शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लक्की राज एक दरोगा का पुत्र है।
समझौते की कोशिश के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच मामले को लेकर समझौते की कोशिश की गई थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने के बाद मंगलवार देर शाम विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले में BNS की धारा 140(3), 127(2), 115(2), 351(2), 352 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि नामजद आरोपियों के अलावा कुछ अज्ञात युवकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस घटना से जुड़े CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है।
दो घंटे में सौरभ को सकुशल बरामद किया था पुलिस ने
गौरतलब है कि 7 सितंबर की शाम करीब 4 बजे Amity University के बाहर से सौरभ कुमार के कथित अपहरण की घटना सामने आई थी। आरोप है कि उसके साथ मारपीट और लूटपाट भी की गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और तकनीकी साक्ष्यों तथा CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने करीब दो घंटे के भीतर सौरभ कुमार को सकुशल बरामद कर लिया था। बरामदगी के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू की और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया।
जूनियर छात्र से विवाद के बाद बढ़ा मामला
प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के अनुसार, घटना के समय सौरभ कुमार अपने सहपाठियों अमरदीप दुबे, अनमोल और रविशंकर के साथ यूनिवर्सिटी के गेट के पास खड़े थे। इसी दौरान जूनियर छात्र लक्की राज से अमरदीप की किसी बात को लेकर बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद लक्की राज ने फोन कर कुछ बाहरी युवकों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद दो काले रंग की स्कॉर्पियो से करीब 10-12 युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद युवकों ने मारपीट शुरू कर दी।
सौरभ को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाने का आरोप
सौरभ की शिकायत के मुताबिक, विवाद के दौरान आरोपियों ने उसके दोस्त अनमोल को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद सौरभ को कथित तौर पर जबरन एक स्कॉर्पियो में बैठाकर वहां से ले जाया गया। आरोप है कि चलती गाड़ी में सौरभ का गला दबाया गया। इसके अलावा उसका मोबाइल फोन और करीब 20 ग्राम वजन की सोने की चेन भी छीन लिए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और कथित अपहरण, मारपीट तथा लूटपाट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच आगे बढ़ा रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू की थी। इसी कार्रवाई के दौरान सौरभ को करीब दो घंटे में सकुशल बरामद किया गया। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय मौके पर मौजूद अन्य युवक कौन थे और कथित तौर पर दो स्कॉर्पियो से पहुंचने वाले युवकों की पहचान कैसे हुई। पुलिस मामले में उपलब्ध CCTV फुटेज, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है।
आरोपों की जांच के बाद तस्वीर होगी साफ
इस पूरे मामले में फिलहाल प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। नामजद किए गए सभी लोगों के खिलाफ आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और अदालत में साबित होना बाकी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी और क्या कथित अपहरण की घटना के पीछे कोई पुराना विवाद था। घटना के करीब 24 घंटे बाद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब पुलिस के सामने आरोपों की पुष्टि करने और मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है।






