रांची में 350 अवैध होर्डिंग्स पर बड़ा एक्शन, 10 सितंबर की रात से शुरू होगी निगम की कार्रवाई
निगम ने कहा- अब नहीं मिलेगा अतिरिक्त समय, जरूरत पड़ी तो जब्ती भी होगी
विज्ञापन बोर्ड, यूनिपोल और मोनोपोल हटाए जाएंगे
रांची: राजधानी रांची में नियमों के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग्स, विज्ञापन बोर्ड, यूनिपोल और मोनोपोल के खिलाफ नगर निगम अब निर्णायक कार्रवाई करने जा रहा है। रांची नगर निगम ने सार्वजनिक सूचना के बाद चिह्नित की गई 350 अवैध विज्ञापन संरचनाओं को हटाने का फैसला किया है। नगर निगम के मुताबिक इन अवैध विज्ञापन संरचनाओं को 10 सितंबर 2026 की रात 12 बजे से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। संबंधित विज्ञापन एजेंसियों और विज्ञापनदाताओं को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है। अब कार्रवाई शुरू होने के बाद संरचनाएं स्वयं हटाने के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
350 अवैध विज्ञापन संरचनाएं निशाने पर
नगर निगम ने शहर में नियम विरुद्ध लगाए गए विज्ञापन से जुड़ी करीब 350 संरचनाओं को चिह्नित किया है। इनमें होर्डिंग्स, विज्ञापन बोर्ड, यूनिपोल और मोनोपोल जैसी संरचनाएं शामिल हैं। निगम ने संबंधित एजेंसियों और विज्ञापनदाताओं से अपील की है कि कार्रवाई शुरू होने से पहले वे अपने स्तर से नियमों के विरुद्ध लगी संरचनाओं को हटा लें। इसके बाद निगम की टीम कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ने पर नियमों के अनुसार इन संरचनाओं को हटाने के साथ-साथ जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों पर लगे विज्ञापनों पर कार्रवाई
नगर निगम का कहना है कि यह अभियान शहर में विज्ञापन गतिविधियों को बंद करने के लिए नहीं चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विज्ञापन गतिविधियों को निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप व्यवस्थित करना है। निगम के अनुसार सड़कों, फुटपाथों, स्ट्रीट लाइट और बिजली के खंभों सहित अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अनधिकृत तरीके से लगाए गए विज्ञापन ढांचे आम लोगों के आवागमन में बाधा पैदा करते हैं। इससे सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी वजह से नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन कर लगाए गए विज्ञापन ढांचों को हटाने का निर्णय लिया है।
‘Right to Walk’ को लेकर भी निगम ने दिया हवाला
नगर निगम ने कार्रवाई के पीछे ‘Right to Walk’ यानी पैदल चलने के नागरिकों के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन का भी हवाला दिया है। निगम का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और फुटपाथों पर इस तरह की अनधिकृत संरचनाओं के कारण पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में सार्वजनिक रास्तों को बाधामुक्त रखना भी इस कार्रवाई का एक प्रमुख उद्देश्य है।
अब अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विज्ञापन एजेंसियों और विज्ञापनदाताओं को पहले ही पर्याप्त अवसर दिया जा चुका है। इसलिए 10 सितंबर की रात से कार्रवाई शुरू होने के बाद अतिरिक्त समय देने का प्रावधान नहीं होगा। निगम ने सभी संबंधित पक्षों से कहा है कि वे कार्रवाई से पहले ही अपने स्तर पर अवैध विज्ञापन संरचनाएं हटा लें, ताकि उन्हें नगर निगम की कार्रवाई और संभावित जब्ती का सामना न करना पड़े।
शहर को व्यवस्थित करने की कोशिश
नगर निगम के इस अभियान से रांची में लंबे समय से नियमों के विपरीत लगे विज्ञापन ढांचों पर कार्रवाई की उम्मीद है। निगम का जोर इस बात पर है कि विज्ञापन एजेंसियां निर्धारित नियमों के तहत ही विज्ञापन संरचनाएं लगाएं और सार्वजनिक रास्तों एवं संपत्तियों का इस्तेमाल अनधिकृत तरीके से न करें। अब देखना होगा कि 10 सितंबर की रात से शुरू होने वाली कार्रवाई में कितने अवैध होर्डिंग्स और विज्ञापन ढांचे हटाए जाते हैं और कितनी संरचनाओं पर जब्ती की कार्रवाई होती है।





