JPSC फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते जेल भेजे गए, 3 दिन की रिमांड पूरी
सीआईडी ने रिमांड पर की पूछताछ, 10 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी;मामले में अब तक 20 से अधिक आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं
रांची: 14वें जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को तीन दिनों की सीआईडी रिमांड पूरी होने के बाद जेल भेज दिया गया है। सोमवार को उन्हें अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। एल. खियांग्ते को सीआईडी ने 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी की ओर से उन्हें समन जारी कर अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सीआईडी पहले ही उनसे तीन अलग-अलग मौकों पर पूछताछ कर चुकी थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ने पर उनकी गिरफ्तारी की गई।
तीन दिन की रिमांड में सीआईडी ने की पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद सीआईडी ने अदालत से एल. खियांग्ते को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी। अदालत की अनुमति के बाद उन्हें तीन दिनों की रिमांड पर लिया गया।रिमांड अवधि के दौरान जांच एजेंसी ने जेपीएससी फर्जीवाड़े से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर उनसे पूछताछ की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जीवाड़े में उनकी भूमिका क्या थी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किन लोगों के साथ उनका संपर्क या समन्वय था। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।




21 जुलाई से सीआईडी की कार्रवाई जारी
14वें जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में सीआईडी की कार्रवाई 21 जुलाई 2026 से लगातार जारी है। जांच एजेंसी इस मामले में अब तक कई लोगों से पूछताछ और गिरफ्तारी कर चुकी है। बताया जा रहा है कि मामले में अब तक 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि वह आयोग के शीर्ष पद पर रह चुके हैं।





अभ्यर्थियों का आंदोलन भी जारी
एक तरफ जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में सीआईडी की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ अभ्यर्थियों का आंदोलन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारियां पर्याप्त नहीं हैं। परीक्षा प्रक्रिया में जिन स्तरों पर कथित गड़बड़ियां हुईं, उनकी पूरी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष की गिरफ्तारी और अब जेल भेजे जाने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
अब आगे की जांच पर नजर
एल. खियांग्ते को जेल भेजे जाने के बाद अब सीआईडी आगे की जांच में जुटी है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी कहां तक फैली हुई है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है। अब जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और सीआईडी की आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि जेपीएससी फर्जीवाड़े की जड़ें कितनी गहरी हैं।



