हमीम मंडल केस: गर्लफ्रेंड अर्पिता के पूछताछ में बड़े दावे, दिल्ली पर हमले की कथित साजिश का खुलासा
रांची/साहिबगंज/बर्धमान: झारखंड के साहिबगंज जिले से गिरफ्तार की गई संदिग्ध आतंकी हमीम मंडल की कथित गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार से पूछताछ में कई अहम दावे सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान अर्पिता ने दावा किया कि उसके बॉयफ्रेंड हमीम मंडल उर्फ हामिद मंडल उर्फ हामिद फुएगो का संपर्क पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से था और उसने दोनों के बीच दिल्ली में बड़े हमले की कथित योजना पर बातचीत सुनी थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
साहिबगंज से गिरफ्तार हुई थी अर्पिता
शनिवार को पश्चिम बंगाल पुलिस ने झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा क्षेत्र से अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल के बर्धमान ले जाया गया, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अर्पिता हमीम मंडल के संपर्क में थी और जांच एजेंसियां उसकी भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
पूछताछ में किया बड़ा दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अर्पिता ने बताया कि उसने एक बार हमीम मंडल को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से कथित रूप से दिल्ली को उड़ाने की योजना पर बातचीत करते हुए सुना था। अर्पिता ने यह भी कहा कि उसे इस योजना की विस्तृत जानकारी नहीं थी, क्योंकि हमीम उससे इस तरह के मामलों में ज्यादा चर्चा नहीं करता था। उसका दावा है कि उसने यह बातचीत संयोगवश सुन ली थी।
भारत में आतंकी हमले की साजिश की जांच
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में ऐसे इनपुट मिले हैं जिनके आधार पर आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के कथित निर्देश पर भारत में आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस कथित साजिश में कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। फिलहाल इन सभी पहलुओं की जांच जारी है और आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है।
31 जुलाई को दर्ज हुआ था मामला
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 31 जुलाई को बर्धमान थाने में एक मामला दर्ज किया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान स्थित कथित हैंडलरों और अन्य लोगों के साथ मिलकर हथियारों की खरीद, कुछ वीआईपी व्यक्तियों को निशाना बनाने, संवेदनशील सूचनाएं जुटाने तथा अपहरण और हत्या जैसी घटनाओं की साजिश रची जा रही थी। इसी मामले की जांच के दौरान हमीम मंडल और उसके कथित नेटवर्क तक पुलिस पहुंची।
सोशल मीडिया से हुई थी दोस्ती
जांच में सामने आया है कि अर्पिता सरकार साहिबगंज के एक कॉलेज में स्नातक की छात्रा है। पुलिस के अनुसार, करीब चार वर्ष पहले उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हमीम मंडल से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या अर्पिता केवल व्यक्तिगत संबंध में थी या कथित नेटवर्क की गतिविधियों से भी उसका कोई संबंध था।

हमीम मंडल पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
गौरतलब है कि अर्पिता की गिरफ्तारी से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बर्धमान से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसके डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अब अर्पिता और हमीम से अलग-अलग तथा आमने-सामने पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली, संपर्कों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
पुलिस का कहना है कि मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, डिजिटल चैट और अन्य दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।






