सड़क से संसद तक संग्राम: CJP के संसद मार्च में हंगामा, अभिजीत दिपके ने तोड़ा अनशन, सरकार से बातचीत के संकेत
नई दिल्ली: शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर CJP (छात्र संगठन) द्वारा आयोजित संसद मार्च सोमवार को राजधानी दिल्ली में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकाला, लेकिन संसद मार्ग के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज की घटनाएं सामने आईं। कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इसी बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दिपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। CJP का दावा है कि सरकार आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए तैयार हो गई है और इसी आश्वासन के बाद अनशन समाप्त किया गया।
CJP का दावा- सरकार बातचीत के लिए तैयार
CJP नेताओं ने कहा कि आंदोलन के बाद सरकार ने संवाद की पहल की है। संगठन का कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत का रास्ता खुला है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
अभिजीत दिपके ने तोड़ा अनशन
कई दिनों से अनशन पर बैठे अभिजीत दिपके ने संगठन के नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी में अपना अनशन समाप्त किया। संगठन का आरोप है कि आंदोलन के दौरान पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई
जंतर-मंतर से निकले प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े तो दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने का प्रयास किया, जिसके चलते आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ी।
संसद तक पहुंचा प्रदर्शन, पुलिसकर्मी भी घायल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान संसद परिसर के बेहद नजदीक तक कुछ प्रदर्शनकारी पहुंच गए। इस दौरान धक्का-मुक्की में दिल्ली पुलिस के दो जवान भी घायल हुए। इसी मामले से जुड़ी एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई शुरू हुई। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी की ओर से दायर की गई है।
विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि छात्र शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं, तो उनके साथ बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
अमित शाह से मिले धर्मेंद्र प्रधान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। माना जा रहा है कि बैठक में संसद मार्च और उससे उत्पन्न स्थिति पर चर्चा हुई। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।
नड्डा के साथ हुई बैठक
आंदोलन के बीच CJP के प्रतिनिधि सौरव और आशुतोष ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बताया गया कि करीब दो घंटे इंतजार के बाद दोनों नेताओं की करीब 10 मिनट तक बैठक हुई, जिसमें आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद CJP नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगें विस्तार से रखीं और सकारात्मक समाधान की उम्मीद जताई।
कई नेताओं को हिरासत में लिया गया
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के कुछ सांसदों को भी हिरासत में लिया। बाद में कई लोगों को छोड़ दिया गया। दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और संसद मार्ग के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया।
आगे क्या?
अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर है। यदि वार्ता सफल रहती है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना है, जबकि बातचीत विफल होने पर आंदोलन फिर तेज हो सकता है। फिलहाल, प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।






