रांची में 4 इंच तक बोरिंग की सशर्त अनुमति, रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य; जानें नियम
Ranchi : राजधानी रांची में लगातार गिरते भूजल स्तर और गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए रांची नगर निगम ने घरेलू उपयोग के लिए 4 इंच तक की बोरिंग की सशर्त अनुमति देने का फैसला किया है। नगर निगम की ओर से 27 अगस्त 2026 को जारी आम सूचना के मुताबिक, घरेलू उपयोगकर्ताओं को बोरिंग की अनुमति दी जाएगी, लेकिन इसके लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। सबसे अहम शर्त यह है कि जिस भवन में बोरिंग के लिए आवेदन किया जा रहा है, वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू स्थिति में होना जरूरी है। बोरिंग की अनुमति मिलने के बाद भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराना अनिवार्य रहेगा।
किन लोगों को मिलेगी 4 इंच बोरिंग की अनुमति?
नगर निगम के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए अधिकतम 4 इंच व्यास की बोरिंग की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए आवेदक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। नगर निगम का यह फैसला भूजल संरक्षण और बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बोरिंग की अनुमति को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ने का मकसद भूजल के दोहन के साथ उसके रिचार्ज की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
आवेदन के साथ देने होंगे ये दस्तावेज
बोरिंग की अनुमति के लिए आवेदक को विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों के साथ नगर निगम की जलापूर्ति शाखा में जमा करना होगा। आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज देने होंगे:
- पहचान पत्र और होल्डिंग रसीद
- बोरिंग स्थल का GPS फोटो
- संस्था या व्यावसायिक भवन के मामले में अनुज्ञप्ति प्रमाण पत्र
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग का विवरण और फोटो
- निजी जमीन पर बोरिंग कराने से संबंधित शपथ पत्र
इन दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम की ओर से बोरिंग की अनुमति संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बोरिंग के बाद गहराई और जलस्तर की देनी होगी जानकारी
नगर निगम ने बोरिंग कराने के बाद भी आवेदक और रिग मशीन संचालक के लिए जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी तय की है। बोरिंग पूरी होने के बाद उसकी कुल गहराई और जलस्तर से संबंधित जानकारी नगर निगम को उपलब्ध करानी होगी। यह जानकारी रिग मशीन चालक और संबंधित गृहस्वामी को नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
भूजल संरक्षण पर नगर निगम का जोर
रांची में बढ़ती आबादी, निर्माण गतिविधियों और लगातार बढ़ती पानी की जरूरत के बीच भूजल स्तर में गिरावट चिंता का विषय बनती जा रही है। ऐसे में नगर निगम ने घरेलू बोरिंग को अनुमति देते समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य शर्त के रूप में जोड़ने का फैसला किया है। इस व्यवस्था से एक ओर घरेलू जरूरतों के लिए सीमित बोरिंग की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर बारिश के पानी को संरक्षित कर भूजल रिचार्ज करने पर भी जोर रहेगा। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की संभावित स्थिति को देखते हुए नगर निगम का यह कदम आने वाले समय में पानी की उपलब्धता और भूजल संरक्षण के लिहाज से अहम माना जा रहा है।



