डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल में सात दिवसीय श्रीकृष्ण कथा का भव्य समापन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया ऋषि लंगर
समाज में संस्कार और सकारात्मक सोच को मिलती है मजबूती
भक्ति, ज्ञान और संस्कार की त्रिवेणी है कृष्ण कथा
रांची: डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू में आर्य ज्ञान प्रचार समिति, रांची के तत्वावधान में वरिष्ठ नागरिक आश्रम के सौजन्य से आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीकृष्ण कथा का रविवार को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ भव्य समापन हुआ। कथा का वाचन मेरठ से आए श्रद्धेय आचार्य कुलदीप जी ने किया। समापन अवसर पर प्रातः हवन एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके बाद श्रीकृष्ण कथा के अंतिम सत्र में श्रद्धालुओं ने भक्ति, ज्ञान, संस्कार, परिवार और जीवन-मूल्यों से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों का श्रवण किया। कथावाचक आचार्य कुलदीप जी ने श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों के माध्यम से धर्म, कर्म, प्रेम, समर्पण और मानवता के संदेश को रेखांकित किया।

‘भक्ति, ज्ञान और संस्कार की त्रिवेणी है कृष्ण कथा’
कथा के दौरान आचार्य कुलदीप जी ने कहा कि श्रीकृष्ण कथा भक्ति, ज्ञान और संस्कार की त्रिवेणी है। श्रीकृष्ण का जीवन व्यक्ति को परिस्थितियों के अनुरूप कर्तव्य निभाने, धर्म के मार्ग पर चलने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक कथाओं का उद्देश्य केवल श्रवण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनसे मिलने वाली सीख को अपने व्यवहार और जीवन में उतारना भी आवश्यक है।
हवन-यज्ञ के बाद हुआ कथा का समापन सत्र
सात दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन हवन एवं यज्ञ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यज्ञ के बाद संगीतमयी कथा का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों में उत्साह और भक्तिभाव का वातावरण रहा। आयोजकों के अनुसार, सात दिनों तक चले इस आयोजन में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से परिवार, संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों पर चर्चा की गई।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समापन समारोह में आर्य ज्ञान प्रचार समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न लाल गुप्ता, आर्यसमाज रांची की आजीवन संरक्षिका सुशीला गुप्ता, सुनील गुप्ता, विद्यालय के प्रधान प्रेम प्रकाश आर्य, आर्यसमाज रांची के प्रधान राजेन्द्र आर्य, मंत्री अजय आर्य और कोषाध्यक्ष संजय पोद्दार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा बुंडू के प्राचार्य दीपक कुमार, लालपुर डीएवी की श्रीमती नीलकमल वर्मा, डीएवी बरियातू के पूर्व प्राचार्य मिश्रा, पूर्व प्राचार्य एसके सिन्हा, गांधी नगर के अमित पोद्दार, गोविन्द मोदी और अन्नपूर्णा प्रेस से जुड़े लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
समापन के बाद हुआ ऋषि लंगर का आयोजन
कथा के समापन के बाद ऋषि लंगर का आयोजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालुओं और कार्यक्रम में शामिल लोगों ने प्रसाद रूपी भोजन ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर सेवा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला। आर्य ज्ञान प्रचार समिति के सदस्यों, वरिष्ठ नागरिक आश्रम के सदस्यों, विद्यालय परिवार और आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

‘समाज में संस्कार और सकारात्मक सोच को मिलती है मजबूती’
आयोजकों ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्म, प्रेम, समर्पण और मानवता का संदेश देता है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सद्भाव और सकारात्मक सोच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समापन समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सात दिवसीय आयोजन की सफलता के लिए आर्य ज्ञान प्रचार समिति, वरिष्ठ नागरिक आश्रम और डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।





