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रजौली में दर्जनों अवैध नर्सिंग होम का आरोप, भ्रूण हत्या और ऑपरेशन के दावों से हड़कंप

रजौली में कथित अवैध नर्सिंग होम मामले की जांच

आशा कार्यकर्ताओं पर भी लगाए गए गंभीर आरोप, एसडीओ ने जांच का दिया भरोसा

रजौली से मनोज कुमार की रिपोर्ट : नवादा जिले के रजौली नगर पंचायत क्षेत्र में कथित तौर पर दर्जनों अवैध नर्सिंग होम संचालित होने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इन केंद्रों पर बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और वैध चिकित्सकीय व्यवस्था के इलाज किया जा रहा है। आरोप है कि मरीजों और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर मोटी रकम वसूली जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रजौली के घसियाडीह, सिरदला रोड और पुरानी पुल के आसपास कई ऐसे नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, जिनके बाहर चिकित्सक, उनकी योग्यता या इलाज से संबंधित स्पष्ट जानकारी वाला बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि इन स्थानों पर गंभीर मामलों में बड़े ऑपरेशन तक किए जाते हैं।

बिगड़ने पर मरीजों को कर दिया जाता है रेफर
ग्रामीणों का आरोप है कि कथित अवैध नर्सिंग होम में इलाज के दौरान स्थिति बिगड़ने पर मरीज को आनन-फानन में दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। आरोप यह भी है कि घटना के बाद संबंधित नर्सिंग होम कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया जाता है और मामला शांत होने के बाद दोबारा संचालन शुरू हो जाता है। स्थानीय लोगों ने ऐसे मामलों की जांच और स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी की मांग की है।

आशा कार्यकर्ताओं पर भी लगाए गए गंभीर आरोप
मामले में कुछ ग्रामीणों ने अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि अस्पताल आने वाले कुछ मरीजों को कथित तौर पर निजी नर्सिंग होम की ओर ले जाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित आशा कार्यकर्ताओं या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस आरोप पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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भ्रूण हत्या और ऑपरेशन के आरोप की जांच जरूरी
स्थानीय लोगों ने इन कथित नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या और बड़े ऑपरेशन किए जाने के भी आरोप लगाए हैं। ये बेहद गंभीर आरोप हैं और इनकी पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिना अनुमति या निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के ऐसे ऑपरेशन किए जा रहे हैं, तो स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से ऐसे कथित अवैध नर्सिंग होम चल रहे हैं, लेकिन नियमित जांच और छापेमारी नहीं होने के कारण इनका संचालन लगातार जारी है। लोगों का कहना है कि किसी घटना के बाद कुछ समय के लिए गतिविधियां बंद होने के बावजूद दोबारा वही व्यवस्था शुरू हो जाती है। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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एसडीओ ने जांच का दिया भरोसा
मामले को लेकर रजौली एसडीओ स्वतंत्र कुमार सुमन ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रजौली क्षेत्र में कितने संस्थान बिना वैध अनुमति संचालित हो रहे हैं और लगाए गए गंभीर आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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