राज्यसभा चुनाव: हेमंत-भूपेश की मैराथन बैठक के बाद बड़ा दावा, महागठबंधन जीतेगा दोनों सीटें

Jharkhand Politics

परिमल नाथवानी की मुलाकात से बढ़ी चर्चा, लेकिन कांग्रेस-झामुमो ने दिखाई एकजुटता

रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। उम्मीदवारों के नामांकन से पहले महागठबंधन ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस के राज्यसभा चुनाव पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय शर्मा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुख्यमंत्री आवास में लंबी बैठक की। करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन की रणनीति, विधायकों की एकजुटता और दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए जरूरी राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा हुई।

परिमल नाथवानी की मुलाकात से तेज हुई अटकलें
राजनीतिक हलचल के बीच शनिवार शाम पूर्व राज्यसभा सांसद और उद्योगपति परिमल नाथवानी की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात ने भी सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया। नाथवानी पहले ही राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र खरीद चुके हैं। ऐसे में उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि महागठबंधन के नेताओं ने इस मुलाकात को सामान्य बताते हुए किसी भी राजनीतिक महत्व से इनकार किया है।

भूपेश बघेल बोले- कोई दिक्कत नहीं, दोनों सीटें जीतेंगे
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने साफ कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और चुनाव में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा, “कहीं कोई दिक्कत नहीं है। महागठबंधन के दोनों उम्मीदवार जीतेंगे।” भूपेश बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महागठबंधन के सभी दलों के विधायकों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया है। इसके अलावा झामुमो और कांग्रेस के उम्मीदवार सोमवार को संयुक्त रूप से नामांकन दाखिल करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन के भीतर सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।

नाथवानी मुलाकात पर क्या बोले बघेल?
परिमल नाथवानी और मुख्यमंत्री की मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को किसी भी नेता से मिलने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में कोई भी किसी से मिल सकता है। इसका कोई अलग अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।” कांग्रेस नेता अजय शर्मा ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर किसी तरह का मतभेद नहीं है और दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित है।

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बैद्यनाथ राम भी पहुंचे मुख्यमंत्री आवास
इस बीच झामुमो के घोषित राज्यसभा प्रत्याशी बैद्यनाथ राम भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे नामांकन की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने आए हैं। बैद्यनाथ राम ने भी परिमल नाथवानी की मुलाकात को सामान्य बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति को किसी भी नेता से मिलने की स्वतंत्रता है और इसे लेकर अनावश्यक अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए।

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भाकपा माले ने दिया बड़ा संकेत
राज्यसभा चुनाव के बीच महागठबंधन के सहयोगी दल भाकपा माले ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। गढ़वा में आयोजित विरोध मार्च के दौरान माले विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी का एकमात्र उद्देश्य भाजपा को हराना है। उन्होंने कहा, “जो भाजपा को हराएगी, हम उसी को वोट करेंगे।”हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में शामिल होने के बावजूद उनकी पार्टी को मंत्री पद नहीं मिला और राज्यसभा सीट पर भी उनकी दावेदारी पर विचार नहीं किया गया।

18 जून को होगा अंतिम फैसला
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। एक तरफ महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है, वहीं भाजपा भी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बनाने की तैयारी में है। फिलहाल कांग्रेस, झामुमो, राजद और सहयोगी दलों के बीच एकजुटता का संदेश देने की कोशिश जारी है। अब सबकी निगाहें नामांकन प्रक्रिया और 18 जून को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि झारखंड की राज्यसभा की दोनों सीटों पर किसकी राजनीतिक रणनीति सफल होती है।

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