साहिबगंज से गिरफ्तार अर्पिता सरकार पर बड़ा खुलासा! ISI-JeM के कथित हनीट्रैप मॉड्यूल की जांच तेज
रांची/साहिबगंज: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने झारखंड के साहिबगंज जिले से गिरफ्तार अर्पिता सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, अर्पिता कथित रूप से उस संदिग्ध मॉड्यूल से जुड़ी थी, जिसका संबंध गिरफ्तार संदिग्ध हामिद मंडल उर्फ हमीम से बताया जा रहा है। STF का आरोप है कि यह मॉड्यूल सोशल मीडिया और हनीट्रैप जैसी तकनीकों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करता था। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच जारी है और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाने का आरोप
STF सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अर्पिता सरकार को कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क स्थापित करने और उन्हें हनीट्रैप के जरिए फंसाने का काम सौंपा गया था। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस नेटवर्क का इस्तेमाल संवेदनशील सूचनाएं जुटाने या अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
STF के मुताबिक, मुख्य आरोपी हामिद मंडल उर्फ हमीम की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल चैट की विस्तृत जांच की गई। इसी दौरान अर्पिता सरकार के साथ उसके लगातार संपर्क के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया। इसके बाद तकनीकी निगरानी, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल इनपुट के आधार पर STF ने साहिबगंज जिले के बरहरवा क्षेत्र में कार्रवाई कर अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया।
व्हाट्सएप और मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क
जांच एजेंसी का कहना है कि अर्पिता और हमीम कथित रूप से व्हाट्सएप सहित विशेष मैसेजिंग ऐप के माध्यम से लगातार संपर्क में थे। अब दोनों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल चैट का फॉरेंसिक विश्लेषण कराया जा रहा है ताकि नेटवर्क की कार्यप्रणाली और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा सके।
ISI और जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों की जांच
STF सूत्रों का दावा है कि प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं जिनसे पाकिस्तान से संचालित बताए जा रहे कुछ कथित आतंकी नेटवर्क और आईएसआई से जुड़े लोगों के साथ संभावित संपर्कों की आशंका व्यक्त की गई है। इसके अलावा जांच एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि गिरफ्तार संदिग्धों का संबंध कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े किसी नेटवर्क से था या नहीं।
आमने-सामने पूछताछ की तैयारी
STF का मानना है कि अर्पिता सरकार और हमीम मंडल को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने से नेटवर्क के संचालन, संपर्कों और अन्य संभावित सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों ने किसी हाई-प्रोफाइल व्यक्ति की गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं एकत्र की थीं या उन्हें कहीं साझा किया गया था।

एक दिन पहले गिरफ्तार हुआ था हमीम मंडल
गौरतलब है कि अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल STF ने बर्धमान के रेनेसां हाउसिंग परिसर से हामिद मंडल उर्फ हमीम को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, उसके कुछ कथित विदेशी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अदालत ने हमीम मंडल को 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी के बाद STF अब पूरे संदिग्ध नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे की पूछताछ तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।






