hemant
Tulsyan

बिहार में बाढ़ का कहर: 15 जिलों के 88 ब्लॉक प्रभावित, 49.36 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में

Bihar Flood 2026

शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आज पहुंचेगी केंद्रीय टीम

बाढ़ से फसल, मकान और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का होगा आकलन

पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों में 49.36 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने के बाद जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बीच बाढ़ से हुए नुकसान का जमीनी स्तर पर आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम आज, 16 सितंबर को बिहार पहुंच रही है। टीम का नेतृत्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं। ([ABP News][1]) केंद्रीय टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर फसलों, मकानों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का जायजा लेगी। इसके बाद नुकसान का आकलन कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

15 जिलों में 49 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ का असर राज्य के 15 जिलों में है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, अरवल और मधेपुरा शामिल हैं। इन जिलों के 88 प्रखंडों में 49.36 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। राज्य में कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति बनी। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।

आज जमीनी हालात का जायजा लेगी केंद्रीय टीम
केंद्र सरकार की टीम का दौरा बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। टीम प्रभावित इलाकों में जाकर हालात देखेगी और संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेगी। 16 सितंबर को टीम के बिहार पहुंचने की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी थी। इसके बाद टीम के कार्यक्रम में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा और राहत कार्यों की समीक्षा शामिल है। रिपोर्ट में फसल नुकसान, मकानों को हुई क्षति और सड़क समेत अन्य बुनियादी ढांचे पर पड़े असर का आकलन शामिल किया जा सकता है।

DAV NANDRAJ

राहत और पुनर्वास पर भी नजर
बाढ़ के बीच राज्य सरकार की ओर से राहत कार्य जारी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने और नुकसान की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 15 जिलों में प्रभावित परिवारों के लिए राहत सहायता भी जारी की गई है।
केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की राहत और पुनर्वास संबंधी जरूरतों का आकलन किया जाएगा।

maa-ram-pyari

किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर?
बाढ़ से प्रभावित जिलों में गंगा, गंडक, कोसी समेत कई नदी प्रणालियों से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं। लगातार बारिश और जलग्रहण क्षेत्रों में अधिक पानी आने से कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। हालांकि कुछ इलाकों में पानी घटने की भी जानकारी सामने आई है, लेकिन कुछ जिलों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि जलस्तर कम होने के बाद भी प्रभावित गांवों तक राहत पहुंचाने, क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य सुविधाओं को बहाल करने में तेजी लाई जाए।

Jaipur

नुकसान का आंकलन बताएगा आगे की तस्वीर
केंद्रीय टीम के दौरे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट से बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान की व्यापक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। फसल, मकान और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान के आंकलन के आधार पर आगे की राहत और सहायता की जरूरतों पर फैसला किया जा सकता है। फिलहाल राज्य की निगाहें केंद्रीय टीम के जमीनी सर्वे और उसके बाद केंद्र सरकार को दी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं।

Read more: बिहार में बाढ़ का कहर: 15 जिलों के 88 ब्लॉक प्रभावित, 49.36 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *