hemant
Tulsyan

धनबाद के 9 करोड़ रुपये के डाकघर घोटाले में ED की एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू

Dhanbad Post Office Scam

रांची/धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में स्थित केके पॉलिटेक्निक उप डाकघर में सामने आए 9 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में एंट्री कर ली है। जानकारी के अनुसार, ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी अब कथित तौर पर घोटाले की रकम के लेन-देन, बैंक खातों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

लोयाबाद पहुंची ED की टीम, घर पर चिपकाया नोटिस
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को ईडी के अधिकारी धनबाद के लोयाबाद क्षेत्र पहुंचे। उनके साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद थी। टीम कथित तौर पर पंकज कुमार चौहान की तलाश में उसके घर पहुंची, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने उसके घर पर नोटिस चस्पा कर उसे रांची स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी ईडी ने उसे नोटिस भेजा था, लेकिन उसके उपस्थित नहीं होने पर अधिकारियों ने स्वयं जाकर नोटिस की तामील कराई।

नामजद आरोपी नहीं, लेकिन जांच के दायरे में
जानकारी के अनुसार, पंकज कुमार चौहान इस मामले का नामजद आरोपी नहीं है, लेकिन जांच के दौरान उसका नाम सामने आया है। सूत्रों का दावा है कि घोटाले की रकम का एक हिस्सा उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। बताया जा रहा है कि उप डाकघर घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल सुमित कुमार सौरव ने सरकारी खाते से कथित रूप से पंकज चौहान के खाते में रकम ट्रांसफर की थी। इसी वित्तीय लेन-देन के आधार पर ईडी उसकी भूमिका की जांच कर रही है।

DAV NANDRAJ

अगस्त 2022 से चल रहा था कथित फर्जीवाड़ा
प्रारंभिक जांच के अनुसार, धनबाद के गोविंदपुर स्थित केके पॉलिटेक्निक उप डाकघर में अगस्त 2022 से ही कथित अनियमितताएं चल रही थीं। बताया गया है कि करीब 8 से 10 खातों के माध्यम से सरकारी धन की अवैध जमा और निकासी की गई। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब डायरेक्टर ऑफ अकाउंट्स (पोस्ट) ने वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान गड़बड़ियों का पता लगाया। विभागीय जांच के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया, जिसने आपराधिक जांच शुरू की। अब उसी मामले के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू की है।

maa-ram-pyari

मनी ट्रेल और बैंक खातों की होगी जांच
ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटाले की राशि किन-किन खातों में भेजी गई, उसका उपयोग कहां हुआ और क्या सरकारी धन को वैध दिखाने के लिए किसी प्रकार की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। जांच एजेंसी बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, वित्तीय दस्तावेजों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और लोगों को भी नोटिस जारी किए जा सकते हैं।

Jaipur

धनबाद में पहले भी बड़ी कार्रवाई कर चुकी है ED
उल्लेखनीय है कि हाल के महीनों में प्रवर्तन निदेशालय ने धनबाद में अवैध कोयला खनन, कोयला तस्करी, रंगदारी और लेवी वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में भी व्यापक कार्रवाई की थी। उस कार्रवाई के दौरान ईडी ने 31 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

  • करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया था।
  • 1.02 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे।
  • 200 से अधिक चल एवं अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए थे।
resizone-elanza
rlifecare

जांच पर सभी की नजर
डाकघर घोटाले में अब सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियों की जांच चल रही है। ऐसे में यह मामला और गंभीर हो गया है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, सरकारी धन के दुरुपयोग और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के हर पहलू की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर इस मामले में नए खुलासे और अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल ईडी की जांच जारी है और एजेंसी ने मामले में आधिकारिक रूप से कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *