भाजपा की छात्र आंदोलन में एंट्री, बाबूलाल मरांडी पहुंचे धरनास्थल; आदित्य साहू बोले- झारखंड में कांग्रेस क्यों खामोश?
रांची में छात्रों से मिले बाबूलाल मरांडी, दिल्ली से आदित्य साहू ने CBI जांच और कांग्रेस पर साधा निशाना

रांची: JPSC, JSSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब पूरी तरह सियासी रंग लेने लगा है। बुधवार को झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी स्वयं आंदोलन स्थल पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों को अपना समर्थन दिया। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने नई दिल्ली से प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और झामुमो सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिल्ली में छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करती है, लेकिन झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर पूरी तरह मौन है।
धरनास्थल पहुंचे बाबूलाल मरांडी, छात्र नेता से की मुलाकात
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाभियान’ के तहत सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को समर्थन देने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और आंदोलन की पृष्ठभूमि तथा छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों की मांगें न्यायोचित हैं और सरकार को इस पूरे मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

छात्रों ने सौंपा मांग पत्र
इस दौरान छात्र प्रतिनिधिमंडल ने बाबूलाल मरांडी को मांग-पत्र भी सौंपा। छात्रों ने JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं, विवादित परीक्षा एजेंसी की भूमिका, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा सभी संदिग्ध परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग उनके सामने रखी। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली से आदित्य साहू का सरकार और कांग्रेस पर हमला
उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने संसद भवन परिसर, नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में झामुमो-कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं पर लगातार सवाल उठे हैं। एक के बाद एक पेपर लीक और भर्ती घोटालों के आरोप सामने आए, लेकिन सरकार ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।आदित्य साहू ने कहा कि आज हजारों छात्र राजधानी रांची में धरना और अनशन करने को मजबूर हैं और उनकी प्रमुख मांग केवल इतनी है कि 2019 के बाद हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराई जाए।
‘सरकार छात्रों को परेशान कर रही है’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को भी प्रशासनिक स्तर पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को पंडाल लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही, रात में बिजली काट दी जाती है और लगातार बारिश के बीच छात्र-छात्राएं प्लास्टिक के नीचे बैठकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। उनके अनुसार सरकार छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

‘कांग्रेस का दोहरा चरित्र सामने आया’
आदित्य साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार से जुड़े मुद्दे होते हैं तो राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतर आते हैं, लेकिन झारखंड में उनकी सहयोगी सरकार के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन पर पूरी तरह चुप्पी साध ली गई है। उन्होंने इसे कांग्रेस का “दोहरा चरित्र” बताते हुए कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ है तो उसे झारखंड आकर आंदोलनरत छात्रों से मिलना चाहिए और खुले मंच से CBI जांच की मांग करनी चाहिए।

‘समर्थन वापस ले कांग्रेस’
आदित्य साहू ने कहा कि यदि कांग्रेस CBI जांच की मांग नहीं करती, तो उसे नैतिक आधार पर झामुमो सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी को झारखंड के छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और यहां आकर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए।

भाजपा ने संघर्ष जारी रखने का किया ऐलान
भाजपा ने कहा कि वह छात्रों की न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और जब तक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती तथा दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी छात्रों के समर्थन में संघर्ष जारी रखेगी।






