केरल में ED अधिकारियों पर हमला, पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर रेड के बाद समर्थकों का बवाल
CMRL मामले में 10 ठिकानों पर छापेमारी के दौरान भड़के समर्थक, गाड़ियों में तोड़फोड़ और पथराव; एक पुलिसकर्मी घायल
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: केरल में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान बड़ा बवाल देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के आवास समेत कई ठिकानों पर ED की कार्रवाई के बाद समर्थकों ने अधिकारियों पर हमला कर दिया। हमले के दौरान ED अधिकारियों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और उन पर पथराव किया गया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी खबर है।
CMRL मामले में हुई थी छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े मामले में केरल के 10 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इन ठिकानों में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का आवास भी शामिल था। सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान ED अधिकारियों ने कई दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।
बाहर निकलते ही हुआ हमला
बताया जा रहा है कि जब ED अधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री के आवास से कार्रवाई पूरी कर बाहर निकल रहे थे, उसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और समर्थकों ने अधिकारियों की गाड़ियों पर हमला बोल दिया। कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और पत्थरबाजी की गई।
CPI(M) कार्यकर्ताओं पर आरोप
घटना को लेकर आरोप है कि CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED टीम की गाड़ियों को निशाना बनाया। तिरुवनंतपुरम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है।
एक पुलिसकर्मी घायल
हमले के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम को भी विरोध का सामना करना पड़ा। पत्थरबाजी में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। हालांकि पुलिस ने स्थिति पर जल्द काबू पा लिया।
वीडियो आया सामने
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें समर्थकों को ED अधिकारियों की गाड़ियों पर हमला करते और नारेबाजी करते देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस घटना के बाद केरल की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने घटना की निंदा करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं CPI(M) की ओर से कहा गया है कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।






