2 लाख के इनामी विश्वनाथ मंडल ने किया सरेंडर, हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित डीडी बार एंड रेस्टोरेंट के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और 2 लाख रुपये के इनामी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से पुलिस से बचता फिर रहा बोदरा हुलिया बदलकर सीधे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत पहुंचा, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
हुलिया बदलकर कोर्ट पहुंचा मुख्य आरोपी
पुलिस से लगातार बचने के लिए विश्वनाथ मंडल कई दिनों से अपने ठिकाने बदल रहा था। बुधवार को उसने पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया बदल लिया और सीधे सीजेएम कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट में सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने उसे अपनी अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
2 लाख रुपये का था इनाम
विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर पुलिस ने उस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसकी तलाश में गठित एसआईटी की टीमें झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ उसके परिजनों और करीबियों से भी पूछताछ की थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
पुलिस अब विश्वनाथ मंडल को रिमांड पर लेने के लिए अदालत में आवेदन करेगी। रिमांड मिलने के बाद उससे हत्या की साजिश, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका, हथियार की व्यवस्था और घटना के पीछे की वजहों को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
27 जून को हुई थी हिमांशु सिंह की हत्या
गौरतलब है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार एंड रेस्टोरेंट के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद जमशेदपुर पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार
एसआईटी की जांच में अब तक कुल 10 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में 5 को जेल भेजा जा चुका है, जबकि चार नाबालिगों को रिमांड होम भेजा गया है।इस मामले में डीडी बार के संचालक और भाजपा नेता नीरज सिंह को भी राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्यामजी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। वहीं बार के मैनेजर विजय महानंद समेत अन्य आरोपियों को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस दबाव के बाद किया आत्मसमर्पण
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की लगातार छापेमारी और बढ़ते दबाव के कारण विश्वनाथ मंडल ने आखिरकार आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद हत्या की पूरी साजिश और इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।






