विश्वकर्मा पूजा आज, इस मुहूर्त में पूजा करने से होगी मनोवांछित फल की प्राप्ति
रांची: आज विश्वकर्मा पूजा है। हर साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष के दौरान विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है। यह दिन भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है, जो संसार के पहले शिल्पकार व वास्तुकार हैं। विश्वकर्मा भगवान ब्रह्म जी के सातवें पुत्र हैं। विश्वकर्मा के जन्मदिवस को ही विश्वकर्मा जयंती व विश्वकर्मा पूजा के रूप में मनाया जाता है।
पंडित गोपाल शास्त्री ने बताया कि पूजा का मुहूर्त सुबह 6:30 बजे से शुरू हो रहा है और शाम 6:16 बजे तक लोग पूजा कर सकेंगे। इस अवधि में विश्वकर्मा जी की पूजा करने से मनोवांछित फल प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा से दरिद्रता का नाश होता है। बताया कि भगवान विश्वकर्मा विश्व के सृजनकर्ता हैं। इन्हें इंजीनियरिंग का देवता भी कहा जाता है।
प्राचीन काल में उड़न खटोला से लेकर इस आधुनिक युग में हवाई जहाज, हथ्यार व मिसाइल, कृषि उपकरण, टूल्स आदि का निर्माण व सृजन के पीछे भी इन्हीं का हाथ है। स्वर्ग में सभी जरूरी चीजों को बनाने की जिम्मेवारी भी भगवान विश्वकर्मा को ही दी गई थी। इन्हें ब्रह्मांड का मानवीकरण और प्रमुख वास्तुकार भी कहा जाता है। सतयुग में स्वर्ग, त्रेता में रावण के सोने की लंका और द्वापरयुग में द्वारका, हस्तिनापुर व इंद्रप्रस्थ का निर्माण कार्य स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने ही किया था।


