झारखंड बोर्ड 12वीं साइंस स्ट्रीम का रिजल्ट जारी: लातेहार जिला टॉप पर, लड़कियों ने फिर मारी बाज़ी

JAC 12वीं रिजल्ट

राज्यभर में छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर, शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

रांची, 31 मई | मुनादी लाइव विशेष रिपोर्ट: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने शुक्रवार को 12वीं कक्षा के साइंस स्ट्रीम का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने दीप प्रज्वलित कर रिजल्ट समारोह का उद्घाटन किया और औपचारिक रूप से परिणाम जारी किया। इस मौके पर जैक सचिव जयंत मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

परीक्षा से जुड़े प्रमुख आँकड़े

•कुल पंजीकृत छात्र: 98,634

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•परीक्षा में सम्मिलित छात्र: 78,186

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•कुल पास प्रतिशत: 79.26% (पिछले वर्ष से 7% अधिक)

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•फर्स्ट डिवीजन: 58,520 छात्र

•सेकंड डिवीजन: 19,383 छात्र

•थर्ड डिवीजन: 63 छात्र

•केवल पास: 20 छात्र

लातेहार बना टॉप परफॉर्मिंग जिला

झारखंड में इस वर्ष का सबसे बेहतर प्रदर्शन लातेहार जिले ने किया है जहां का रिजल्ट 88.02% रहा। यह राज्य में अब तक का सर्वश्रेष्ठ जिला-स्तरीय परिणाम है।

लड़कियों ने फिर मारी बाज़ी

पिछले वर्षों की तरह इस बार भी लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है:

लड़कियों का सफलता प्रतिशत: 80.53%

लड़कों का सफलता प्रतिशत: 48.43%

इस अंतर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राज्य में बालिकाएं शैक्षणिक मोर्चे पर निरंतर अग्रसर हैं।

बच्चों में खुशी की लहर, सरकार के प्रयासों की सराहना

रिजल्ट की घोषणा होते ही राज्य भर में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में हर्ष और उल्लास की लहर दौड़ गई।
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

“सरकार का निरंतर प्रयास है कि राज्य के सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन मिलें। यह परिणाम हमारे शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की संयुक्त मेहनत का प्रमाण है।

शिक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयास

जैक सचिव जयंत मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा की पारदर्शिता और उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे छात्रों को उनके प्रयासों के अनुरूप निष्पक्ष परिणाम प्राप्त हो सके।

राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आगामी वर्षों में डिजिटल शिक्षा, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस बार का परिणाम केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि झारखंड के शिक्षा क्षेत्र की सकारात्मक दिशा में होती प्रगति का प्रमाण है।
जहां एक ओर ग्रामीण और पिछड़े जिलों से आने वाले छात्रों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, वहीं लड़कियों की उत्कृष्ट सफलता राज्य के सामाजिक विकास का भी संकेत देती है।

राज्य को अब आवश्यकता है कि इस गति को बरकरार रखते हुए हर बच्चे को समावेशी और प्रेरणादायक शिक्षा माहौल प्रदान किया जाए।

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