मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पुस्तक का किया लोकार्पण

महाधिवक्ता राजीव रंजन की पुस्तक A Touch of the Divine में बाबा बैद्यनाथ धाम की ऐतिहासिकता, आस्था और सांस्कृतिक महत्व का है वर्णन
रांचीः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड विधानसभा में महाधिवक्ता राजीव रंजन द्वारा लिखित पुस्तक “बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर – A Touch of the Divine (दिव्यता का स्पर्श)” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लेखक राजीव रंजन को बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम सदियों से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है और इस पुस्तक के माध्यम से उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाना एक सराहनीय प्रयास है।
“यह पुस्तक बाबा बैद्यनाथ की प्राचीनता और पौराणिकता के साथ-साथ धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करती है। यह निश्चित रूप से झारखंड की धार्मिक पहचान को और सुदृढ़ करेगी।” : हेमन्त सोरेन
पुस्तक की विशेषताएं
महाधिवक्ता राजीव रंजन द्वारा लिखित इस पुस्तक में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की ऐतिहासिकता, प्राचीनता, पौराणिकता, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक महत्व और वैधानिक तत्वों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि किस प्रकार देवघर का यह ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखता है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।



लेखक राजीव रंजन ने कहा कि यह पुस्तक उनके लंबे शोध और अनुभव का परिणाम है। उन्होंने इसे लिखने का उद्देश्य बाबा बैद्यनाथ की महिमा और उसके पीछे छिपे ऐतिहासिक तथ्यों को जनता तक पहुँचाना बताया।

कार्यक्रम में मौजूद रहे विशिष्ट अतिथि
लोकार्पण समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इनमें मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, सचिव अरवा राजकमल, मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव सुनील श्रीवास्तव, अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव और राजकीय अधिवक्ता मनोज कुमार शामिल थे।


इस मौके पर उपस्थित जनों ने भी पुस्तक की सराहना की और इसे बाबा बैद्यनाथ धाम से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण बताया।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक
देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी है। सावन महीने में यहां लाखों की संख्या में कांवरिया गंगा जल लेकर बाबा को अर्पित करने आते हैं। पुस्तक A Touch of the Divine इस परंपरा, विश्वास और धरोहर को दस्तावेज़ी रूप देने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक राज्य और देश भर में बाबा बैद्यनाथ धाम की पहचान और महत्ता को और अधिक सशक्त करेगी।